शिक्षा से पर्यावरण संरक्षण को भी जोड़ते हुए ग्वालियर के राजमाता विजयाराजे ¨सधिया कृषि विश्वविद्यालय ने अभिनव पहल की है। विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को एक-एक पौधा लगाना होगा व उसकी देखरेख की जिम्मेदारी लेनी होगी।
यदि किसी कारणवश छात्र द्वारा लगाया गया पौधा सूख जाता है या खराब हो जाता है, तो उसे परिसर में दूसरा नया पौधा लगाना होगा। छात्र को ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट तभी दिया जाएगा, जब उसका पौधा जीवित और स्वस्थ होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ने ग्रीन ग्रेजुएशन सर्टिफिकेट योजना की शुरुआत की है।
मध्य प्रदेश में विश्वविद्यालय से संबद्ध ग्वालियर, इंदौर, सीहोर, खंडवा और मंदसौर जिलों में स्थित कृषि महाविद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 में 522 छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिया है। विश्वविद्यालय की डीन डा. मृदुला बिल्लौरे ने बताया कि योजना के अनुसार, इन सभी महाविद्यालयों के परिसर में विद्यार्थियों को एक-एक पौधा लगाना अनिवार्य होगा।
छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए शनिवार का दिन पौधों की देखभाल के लिए सुरक्षित रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।


