नगर निगम प्रशासन की अनदेखी से गर्रा पुल के पास दोनों साइडों के अलावा बीच में भी दुकानें सजाकर अतिक्रमण किया जा रहा है। जबकि नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई चेतावनीं तक ही सीमित रह जाती है। जिस वजह से न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है बल्कि हादसा होने का खतरा भी रहता है, लेकिन नगर निगम प्रशासन व्यवस्था सुधार को लेकर ध्यान नहीं दे रहा है।
शुक्रवार को गर्रा पुल के आस-पास यातायात व्यवस्था देखी गई तो पुल के पास दोनों साइडों में तो बड़ी संख्या में अतिक्रमणकर दुकानें सजने के अलावा पुल के बीच बीच सड़क पर भी दुकानें लगी मिली। कुछ दिन पहले एक ठेला लगाने से अतिक्रमण करने की शुरुआत हुई तो जो अब बढ़ता ही जा रहा है लेकिन नगर निगम प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
जबकि प्रवर्तन दल की टीम शायद ही ऐसा कोई दिन हो जब वहां से न निकलती हो। इसी तरह पुल से बरेली मोड़ तक अतिक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। शहर में अतिक्रमण जैसी दिक्कतों को दूर कराने के लिए प्रवर्तन दल पर सैलरी के रूप में हर माह करीब चार लाख रुपये खर्च हो रहे हैं लेकिन सुधार के नाम पर कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।
चेतावनीं देकर लौटी टीम
दैनिक जागरण में अतिक्रमण को लेकर खबरें प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद निगम के अधिकारियों ने प्रवर्तन दल की टीम को भेजा लेकिन टीम सिर्फ चेतावनीं देकर वापस लौट गई।जिस वजह से यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं हो पा रहा है।
वित्त मंत्री के निर्देशों को भी कर रहे अनदेखा
अतिक्रमण को लेकर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना व डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह खुद कई बार दिशा-निर्देश निगम के अधिकारियों को दे चुके हैं। अधिकारियों के साथ बैठकों के अलावा कार्यक्रमों के दौरान भी वित्त मंत्री इसको लेकर सख्त दिशा-निर्देश दे चुके हैं लेकिन उनके आदेशों की भी अनदेखी हो रही।

विकास कुमार सिंह एक अनुभवी भारतीय पत्रकार और द टकसाल न्यूज़ (The Taksal News) के प्रधान संपादक हैं।

