पहाड़ों की रानी मसूरी एक बार फिर पर्यटकों से गुलजार हो उठी है। शुक्रवार से रविवार तक के तीन दिन के अवकाश के कारण मसूरी और आसपास के पर्यटक स्थल में बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचे। मसूरी पूरी तरह से पैक हो गई। शुक्रवार शाम तक ही शहर के बाजारों और पिकनिक स्पाट्स पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली, जिससे पर्यटन व्यवसाय से जुड़े चेहरों पर खुशी लौट आई है।
देर रात तक बनी रही बाजारों में रौनक
लाइब्रेरी बाजार, कुलड़ी और मालरोड पर शुक्रवार शाम ढलते ही रौनक देखते ही बन रही थी। देर रात 11 बजे तक गांधी चौक से शहीद भगत सिंह चौक तक भारी चहल-पहल रही। आलम यह था कि शहर के रेस्तरां और ढाबों में पर्यटकों को डिनर के लिए अपनी बारी का लंबा इंतजार करना पड़ा।
जाम से जूझते रहे पर्यटक
भीड़ बढ़ने के साथ ही यातायात व्यवस्था भी चरमराती दिखी। सुबह नौ बजे से दोपहर तक शहर के मुख्य मार्गों पर वाहन रेंगते नजर आए। हालांकि, दोपहर में स्थिति थोड़ी सामान्य हुई, लेकिन शाम को कैम्पटी फाल से लौट रहे वाहनों के कारण जीरो प्वाइंट से गांधी चौक और किंक्रेग तक भारी जाम लग गया। यह जाम रात 10 बजे तक जारी रहा, जिससे पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बीते गुरुवार की तुलना में शुक्रवार को यातायात व्यवस्था में कुछ सुधार देखा गया। गांधी चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। स्वयं शहर कोतवाल और सीओ (यातायात) सड़कों पर उतरकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे, ताकि जाम की स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। स्थानीय व्यापारियों का मानना है कि यह इस साल के पर्यटन सीजन की एक शानदार शुरुआत है।


