कुंडली नगर पालिका द्वारा गांव के ग्राम देवता के स्थान और तालाब के सुंंदरीकरण के मामले में आड़े आ रहे अवैध कब्जों को हटाने की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
अवैध कब्जाधारी एक व्यक्ति द्वारा कब्जे खाली करवाने के विरोधस्वरूप हाईकोर्ट में दायर याचिका के खारिज होने के बाद पालिका अधिकारी अगली कार्रवाई करने की तैयारी में जुटे हैं।
कई सालों से अवैध कब्जा
दादा भैया स्थान तथा तालाब एनएच 44 के साथ सटा हुआ है। तालाब के साथ लगती वन विभाग की जमीन है। तालाब तथा इससे सटी हुई जमीन पर कई वर्षों से अवैध कब्जों की भरमार है। तालाब के सुंदरीकरण के लिए कुंडली नगर पालिका द्वारा अवैध कब्जे खाली करवाने के लिए कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं।
इस जमीन पर वर्षों से साढ़े तीन हजार गज जमीन पर अवैध रूप से आरा मशीन लगाए हुए सतबीर नामक व्यक्ति ने नोटिस के खिलाफ पालिका सेक्रेटरी के सामने विरोध प्रकट किया और नोटिस कार्रवाई रद करने के लिए हाइकोर्ट का रुख किया।
हाइकोर्ट ने सतबीर द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी। साथ ही पालिका सेक्रेटरी को निर्देश दिए कि सतबीर का पक्ष जाने और इस संबंध में उचित निर्णय लें।
कोर्ट ने दिया 10 दिन का समय
पालिका कार्यालय में सोमवार को इस मामले को फिर से सुना जाएगा। सेक्रेटरी पवित्र गुलिया का कहना है कि सतबीर के इस जमीन पर मालिकाना संबंधी कागजात की जांच में लगता है कि वर्ष 1990 में उसने तहसील कार्यालय में सांठ-गांठ करके गिरदावरी और हिस्सेदारी में अपना नाम दर्ज करवाया है।
तब से पहले यह जंगलात-दरख्तान की जगह है। इस तरह पूरी जमीन पंचायत की हुई। अब कुंडली के पालिका क्षेत्र बनाए जाने के बाद यह जमीन कुंडली नगर पालिका की है।
कोर्ट ने सतबीर की याचिका खारिज करने के बाद मामले में तफ्तीश के लिए दस दिनों का समय दिया है, जिसके चलते इन दिनों में कार्रवाई नहीं की जाएगी। सोमवार के बाद मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।


