केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे ने विज्ञापन और ब्रांडिंग पहलों के जरिए गैर-किराया राजस्व कमाने के लिए नीतियां बनाई हैं, लेकिन कानून की नजर में आपत्तिजनक विज्ञापन, जैसे कि शराब, तंबाकू और धूमपान से जुड़े विज्ञापन प्रदर्शित करना प्रतिबंधित है।
मंत्री ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि विज्ञापन दिखाने के लिए एजेंसियों को केंद्र/राज्य के कानूनों का पालन करना जरूरी है। कानून की नजर में जो विज्ञापन आपत्तिजनक हैं, उन पर रोक है।
आउट-ऑफ-होम विज्ञापन नीति के तहत स्टेशन से संबंधित क्षेत्र में विज्ञापन देने के अवसर उपलब्ध हैं। रेल डिस्प्ले नेटवर्क नीति स्क्रीन और डिस्प्ले सिस्टम के जरिए डिजिटल विज्ञापन की सुविधा देती है। इसके अलावा, ब्रांडिंग और विज्ञापन के लिए ट्रेनों और कोचों (अंदर और बाहर दोनों ओर) जैसी चल संपत्तियों का उपयोग किया जाता है।


