मौसम विभाग द्वारा इस वर्ष कम बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने और भूगर्भ जल स्तर के तेजी से गिरने का खतरा मंडरा रहा है।
इस प्राकृतिक संकट से निपटने और किसानों को राहत देने के लिए जिला उद्यान विभाग ने एक विशेष पहल शुरू की है। जिला उद्यान अधिकारी श्याम सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे पारंपरिक सिंचाई पद्धतियों को छोड़कर आधुनिक तकनीकों को अपनाएं। सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत आधुनिक सिंचाई उपकरणों पर भारी अनुदान दिया जा रहा है।
रेनगन, स्प्रिंकलर और ड्रिप सिंचाई अपनाने से 40 प्रतिशत तक पानी की बचत तथा फसलों की पैदावार में भी कम से कम 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जाती है। सिंचाई के लिए रेनगन, पोर्टेबिल स्प्रिंकलर संयंत्र पर 65 से 75 प्रतिशत तथा मिनी स्प्रिंकलर, माइक्रो स्प्रिंकलर, ड्रिप सिंचाई संयंत्र पर 80 से 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ लेने के लिए कार्यालय जिला उद्यान अधिकारी, कम्पनी बाग में संपर्क कर सकते है।


