इंदौर के संजय ने डेढ़ माह पहले दिल्ली से जो स्विफ्ट कार खरीदी थी वह मासूम के लिए काल बन गई। साढ़े तीन साल का मासूम चिराग जिद करके पापा के साथ कार में निकला था। पिता ने कार खड़ी कर दोस्त के खराब वाहन को ठीक करने में मदद करने लगा।
इस दौरान धूप तेज से बचाने के लिए मासूम को कार में बैठा दिया। खिड़की जरूर खोल दी थी, लेकिन गेट बंद था। इसी दौरान कार में अचानक आग लग गई। महज 15 मीटर दूर खड़े बेबस पिता के सामने ही मासूम की जिंदा जलकर मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार, संजय बहेडिया को शनिवार सुबह उनके मित्र का फोन आया कि उनका वाहन सिमरोल क्षेत्र में खराब हो गया है। संजय मदद के लिए अपनी कार से निकल रहे थे, तो इकलौता बेटा जिद करने लगा। पिता ने उसे अपने साथ ले लिया, गाड़ी में डीजल डलवाया और मौके पर पहुंचे।
वहां संजय ने अपनी कार लगाई। बाहर कड़ी धूप थी, इसलिए उन्होंने चिराग को गाड़ी में ही बैठे रहने दिया। करीब 30 मिनट बीते होंगे। राहगीरों ने गाड़ी से आग की लपटें उठते देखीं तो शोर मचाया।
संजय ने दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी पूरी तरह लॉक हो चुकी थी। कांच फोड़ा तो आग की लपटें बाहर आ गईं। पानी और फायर एक्सटिंग्यूशर से आग बुझाई, तब तक चिराग पूरी तरह झुलस चुका था। पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. अमित सोनी ने बताया कि बच्चा सौ प्रतिशत जल गया था।
आगे बैठाया था, शव पिछली सीट पर मिला
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चिराग आगे ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। लेकिन उसका शव पिछली सीट पर मिला। पुलिस का अनुमान है कि आग डैशबोर्ड से शुरू हुई।
आग से बचने के लिए बच्चा पिछली सीट पर भागा, लेकिन दरवाजे नहीं खुले। थाना प्रभारी कुलदीप खत्री ने बताया कि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। एफएसएल टीम को बुलाकर जांच की गई और साक्ष्य एकत्रित किए गए हैं।


