दुष्कर्म के आरोपित ढोंगी बाबा अशोक खरात के काले कारनामों की जांच कर रही विशेष जांच टीम को पिछले पांच दिनों में 50 से अधिक काल प्राप्त हुए हैं, जिनमें उसके द्वारा कथित तौर पर किए गए अपराधों के बारे में जानकारी दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा नियुक्त एसआईटी ने नागरिकों को खरात के बारे में जानकारी साझा करने के लिए दो मोबाइल नंबर जारी किए थे। पुलिस ने यौन उत्पीड़न, जबरन वसूली और आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने के आरोपों से संबंधित कई शिकायतों के बाद नासिक निवासी खरात के खिलाफ अब तक आठ एफआइआर दर्ज की है।
नासिक जिले के सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख खरात से वर्षों से कई राजनीतिक नेता मिलने आते रहे हैं। उसे 18 मार्च को एक महिला द्वारा दुष्कर्म का आरोप लगाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दो मोबाइल नंबर जारी होने के बाद से जांच टीम को औसतन प्रतिदिन 15 से 20 फोन काल आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच दिनों में प्राप्त कालों में से 50 से अधिक खरात के खिलाफ शिकायतों से संबंधित थीं। टीम शिकायतों की पुष्टि कर रही है।
उन्होंने बताया कि एसआईटी ने सूचना देने वालों या अपराध की रिपोर्ट करने वालों की पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखने का आश्वासन दिया है। एसआइटी ने शुक्रवार को फोरेंसिक टीम के साथ नासिक स्थित खरात के कार्यालय का दौरा किया।
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम ने कार्यालय से कई दस्तावेज, फाइलें, एक डायरी और कागजात को बरामद किया। इस बीच, नासिक जिला प्रशासन ने खरात के हथियार का लाइसेंस निलंबित कर दिया है, यह कहते हुए कि उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि सिन्नर के मीरगांव निवासी खरात ने 15 अक्टूबर, 2012 को रिवाल्वर काअ लाइसेंस प्राप्त किया था।


