आप जो खा रहे हैं वो कितना शुद्ध? हापुड़ में पनीर से लेकर तेल तक 42 सैंपल फेल, मिलावटखोरों पर बड़ा एक्शन

जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का बड़ा खेल उजागर हुआ है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा अप्रैल में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान लिए गए 42 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।

जांच रिपोर्ट में पनीर, दूध, सरसों का तेल, मिठाई, आइसक्रीम, केक, कुट्टू का आटा और पैकेज्ड पेयजल तक अधोमानक अथवा असुरक्षित मिले हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य कारोबारियों में अफरा-तफरी मच गया है, जबकि आम लोगों की चिंता भी बढ़ गई है। विभाग ने संबंधित कारोबारियों और फर्मों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत अप्रैल माह में विभागीय टीम ने जिलेभर में छापेमारी अभियान चलाकर दुकानों, डेयरियों और प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के नमूने लिए थे। प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट में अधिकांश नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे।

फैल हो गए इन खाद्य पदार्थों के सैंपल

कई नमूनों को असुरक्षित और कई को अधोमानक घोषित किया गया है। जांच रिपोर्ट के अनुसार चंडी रोड के गौरव कुमार मित्तल का ग्रीन चिली साॅस, गढ़मुक्तेश्वर के राशिद अली की कचरी, अमरोहा के अबरार अहमद का मिश्रित दूध, सादिकपुरा के सुरेंद्र कुमार का पनीर, नदीम सईद गढ़मुक्तेश्वर की बर्फी, अमरपाल ठेका का छैना रसगुल्ला तथा अमित सुखदेवपुर की बालूशाही मानकों के विपरीत पाई गई। सुरेंद्र गोयल गढ़मुक्तेश्वर के कुट्टू के आटे का नमूना भी फेल हो गया।

सब स्टैंडर्ड पाए गए ये उत्पाद

वहीं, सबली गेट स्थित केएल वेजिटेबल ऑयल प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड के रविंद्रा ब्रांड फोर्टिफाइड कच्ची घानी सरसों तेल और साधारण कच्ची घानी सरसों तेल के नमूने अधोमानक पाए गए। धौलाना की वान्या एडिबल ऑयल का रिफाइंड पाम ऑयल तथा अंकित गर्ग का राहनी नमूना असुरक्षित घोषित किया गया।

डेरी और पनीर के सैंपल भी फेल मिले

जांच में बड़ी संख्या में डेरी और पनीर कारोबारियों के नमूने भी फेल मिले। इनमें दीपक कुमार रसूलपुर, शकील-आकिल-देवेंद्र, मूलचंद, गुलजार, अफसर अली, अंकुर मावी, चौधरी ए-वन डेयरी हसनपुर रोड शेखपुर खिचरा, अजंता पनीर भंडार पिलखुवा, शरीद अहमद, शकील अहमद, चरन सिंह, आरिफ, भारत पनीर भंडार, फजरू, जावेद तथा ओम डेयरी के नमूने अधोमानक पाए गए। एलेन इंडिया प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का नमूना भी मानकों के अनुरूप नहीं मिला।

अदालत ने लगाया लाखों रुपये का जुर्माना

खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद कई मामलों में न्यायालय ने कारोबारियों पर भारी जुर्माना लगाया है। प्रिशा आइसक्रीम पर 25 हजार रुपये, समीर कंफेक्शनरी पर बिना खाद्य लाइसेंस सामग्री बेचने के मामले में पांच लाख रुपये, नरेश सिंहल पर 25 हजार रुपये, निंकुश ब्रदर्स पर 25 हजार रुपये, पवन किराना स्टोर और सचिन पनीर भंडार पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

इसके अलावा सीताराम स्वीट पर 20 हजार, वेद प्रकाश किराना स्टोर पर पांच लाख, विजय कुमार यादव पर 25 हजार तथा भारत सरसों पिलाई केंद्र पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। समीर कंफेक्शनरी पर अलग-अलग मामलों में अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया गया है।

विभाग ने दी चेतावनी

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के सहायक आयुक्त (खाद्य द्वितीय) सुनील कुमार ने उपभोक्ताओं से केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि पैकेट बंद और ब्रांडेड उत्पादों को प्राथमिकता दें तथा किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत विभाग को तुरंत दें। विभाग ने साफ किया है कि मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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