होर्मुज और खार्ग पर कब्जे की होड़: सेना उतारने की तैयारी में अमेरिका, ईरान बिछा रहा बारूद

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच पिछले 28 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष अब खार्ग और होर्मुज जलडमरूमध्य पर कब्जे की होड़ पर आकर टिक गया है। ईरान को समझौते पर राजी करने के लिए अमेरिका ने इन दोनों अहम क्षेत्रों पर दबाव बढ़ा दिया है।

अमेरिका ने जहां हजारों की संख्या में सैनिकों का जमावड़ा कर होर्मुज और खार्ग की घेरेबंदी कर दी है, वहीं ईरान ने भी अमेरिका से दो-दो हाथ करने में कसर नहीं छोड़ रखी है। ईरान ने होर्मुज में बारूदी सुरंगे बिछाने से लेकर खार्ग द्वीप में सैनिकों और सामरिक संसाधनों की तैनाती बढ़ाकर अमेरिका को चुनौती दे दी है।

क्या है ईरान का प्लान?

होर्मुज से निकलनेवाले जहाजों से अब तक शुल्क न लेनेवाले ईरान ने टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। उधर, इजरायल ने बड़ा दावा किया है कि उसके हमले में रिवोल्यूशनरी गार्ड के नौसेना कमांडर कमोडोर अलिरेजा तंगसीरी को मारने का दावा किया है।

हालांकि, ईरान की तरफ से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए जल्दी समझौता करने को कहा है। वहीं, ईरान का दावा है कि अमेरिका ने युद्धविराम के लिए एकतरफा और पक्षपाती प्रस्ताव भेजे हैं, फिर भी कूटनीतिक चैनल से बातचीत जारी रखेंगे।

समझौते को लेकर कूटनीतिक तैयारियों के बीच, ईरान की तरफ से इजरायल समेत पश्चिम एशिया के तमाम देशों पर मिसाइलों और ड्रोन हमले जारी रहे। यमन आधारित हाउती विद्रोहियों ने ईरान का समर्थन करते हुए एलान किया कि जरूरत पड़ी तो लाल सागर में स्थित बाब अल मंदाब जलडमरूमध्य को बंद करके जहाजों के आवागमन पर रोक लगा दी जाएगी। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौते के प्रयास तेज हो गए हैं।

अमेरिका की 15 शर्ते

अमेरिका ने जहां ईरान के पास 15 बिंदुओं का प्रस्ताव भेजा है, वहीं ईरान ने अमेरिका को अपनी पांच मांगों से अवगत करा दिया है। इस बीच इजरायल ने आशंका जताई है कि ईरान के साथ समझौता वार्ता विफल हो सकती है क्योंकि ईरान शायद ही अमेरिकी की कठोर शर्तों पर समझौता करे।

अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाना तेज कर दिया है और अमेरिकी सेना का भारी भरकम जमावड़ा ईरान के इर्द-गिर्द जमा कर दिया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि समझौता वार्ता सफल बनाने के लिए अमेरिकी की ये दबाव की रणनीति है।

व्हाइट हाउस ने दावा किया है कि ईरान के साथ सार्थक बातचीत जारी है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिका से सीधे कोई बात नहीं हो रही और कूटनीतिक चैनलों के जरिये ही संदेशों का आदान प्रदान हो रहा है। ईरान की वेनेजुएला जैसी घेरेबंदी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के लगभग 1,000 पैराट्रूपर एंफीबियस त्रिपोली पर तैनात कर दिए गए हैं।

सेना उतारने की तैयारी में

एक अन्य मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट बाक्सर एंफीबियस रेडी ग्रुप भी ईरान के बेहद करीब है। इसके अतिरिक्त लगभग 50 हजार सैनिक पहले से मौजूद हैं। छह से सात हजार मरीन और नौसैनिक भी इनसे जुड़ जाएंगे। इससे पहले वेनेजुएला में निकोलस मादुरो के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से पहले भी ट्रंप ने इसी तरह का सैन्य जमावड़ा किया था।

खार्ग द्वीप पर ईरान की किलेबंदी तेज, बिछाईं बारूदी सुरंगेंईरान ने भी अपने रणनीतिक खार्ग द्वीप की सुरक्षा और मजबूत कर दी है। द्वीप के आसपास तेजी से बारूदी सुरंगें बिछाई जा रही हैं और अतिरिक्त सैनिकों के साथ वायु रक्षा तंत्र भी वहां तैनात किया गया है।

माइंस बिछा रहा ईरान

सीएनएन के अनुसार, ईरान ने द्वीप के संवेदनशील हिस्सों में एंटी-पर्सनल और एंटी-आर्मर माइंस बिछाई हैं। इसके अलावा संभावित लैंडिंग जोन के आसपास जाल और अवरोध भी तैयार किए गए हैं। ईरान ने द्वीप पर अतिरिक्त सैन्य बल, पोर्टेबल मिसाइल सिस्टम और वायु रक्षा उपकरण भी पहुंचाए हैं।

ईरान के संसद अध्यक्ष एमबी गलीबाफ ने दावा किया है कि खुफिया रिपोर्ट है कि खार्ग द्वीप पर दुश्मन कब्जे की कोशिश कर सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो पश्चिम एशिया के अहम ढांचों को निशाना बनाया जाएगा।

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने भी चेताया है कि अमेरिका और इजरायल अपने बच्चों को नर्क की आग में झुलसने के लिए न भेजें। ट्रंप बोले, ईरान जल्दी फैसला ले, वक्त बेहद कम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान से युद्धविराम प्रस्ताव पर जल्द निर्णय लेने को कहा है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ईरान सैन्य रूप से बुरी तरह कमजोर हो चुका है और अब समझौते की भीख मांग रहा है।

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