इस योजना के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि निर्माण श्रमिक न केवल रोजगार के अवसर प्राप्त करें, बल्कि उन्हें बुनियादी सुविधाओं जैसे आवास का भी लाभ मिल सके। ब्याज मुक्त ऋण होने के कारण श्रमिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ता और वे आसानी से ऋण चुका सकते हैं।