सेक्सोलाजिस्ट की आड़ में क्लीनिक के अंदर बीईएमएस (बैचलर ऑफ इलेक्ट्रो-होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी) डाक्टर दंपती जिस्मफरोशी करा रहे थे। पुलिस ने क्लीनिक स्थित कोठी में छापा मारकर डाक्टर दंपती के साथ तीन लड़कियां और तीन ग्राहकों को पकड़ लिया। तीनों लड़कियों को परिवार के सिपुर्द कर दिया, जबकि ग्राहक और डाक्टर दंपती के खिलाफ अनैतिक व्यापार की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। 12 साल पहले भी डाक्टर जिस्मफरोशी में जेल जा चुका है।
लोहियानगर थाने के एल-ब्लाक में अनिल गोयल और आकाश गोयल का कमला कुटी के नाम से निवास है। आठ माह पहले उक्त कोठी को लोहियानगर के डाक्टर केके गुप्ता और उनकी पत्नी डा. हेमा गुप्ता ने किराये पर लिया था। उक्त कोठी में डा. केके गुप्ता और उनकी पत्नी ने क्लीनिक खोल दिया। कोठी के गेट पर लगे बोर्ड पर दोनों बीईएमएस डाक्टर बता रहे हैं। डा. केके गुप्ता ने खुद को सेक्सोलाजिस्ट बताया है। सेक्सोलाजिस्ट की आड़ में डाक्टर गुप्ता कोठी स्थित क्लीनिक के अंदर जिस्मफरोशी करा रहे थे।
आसपास के लोगों को डाक्टर दंपती की हरकतों के बारे में जानकारी मिली। उसके बाद अनिल गोयल ने उन्हें अपना मकान खाली करने को कह दिया। उसके बाद भी डाक्टर दंपती मकान खाली नहीं कर रहा था। मकान स्वामी ने पुलिस को क्लीनिक के अंदर जिस्मफरोशी होने की सूचना दी, जिस पर लोहियानगर पुलिस की टीम ने क्लीनिक के अंदर छापा मारा। वहां से तीन लड़कियां और तीन ग्राहक कपिल, सुहैल और दीपक पकड़े गए। पुलिस ने डा. केके गुप्ता और हेमा गुप्ता को भी हिरासत में ले लिया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि तीनों लड़कियों को उनके स्वजन को सौंप दिया है, जबकि तीनों ग्राहक और डाक्टर दंपती के खिलाफ अनैतिक व्यापार का मुकदमा दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि 2014 में भी डाक्टर केके गुप्ता जिस्मफरोशी में जेल जा चुके है।
यौन संबंधी बीमारी का उपचार कराने वाली महिलाएं और युवकों को भी डाक्टर ग्राहक बनाते थे। एसपी सिटी ने बताया कि डाक्टर दंपती की डिग्री के बारे में भी गहनता से जांच की जा रही है। अभी तक जांच में सामने आया कि यौन संबंधी बीमारी का उपचार कराने वाले मरीजों को ही ग्राहक बनाता था। क्लीनिक के अंदर कोठी में कई रूम बना रखे थे। वहां पर ही जिस्मफरोशी कराई जा रही थी।


