देवघर में शिक्षकों की कमी से छात्रों का भविष्य अंधकारमय, कंप्यूटर के नाम पर कुछ नहीं जानते बच्चे

 सारठ प्रखंड के पश्चिमी छोर पर स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय अंबा नचनियां में शिक्षकों के अभाव में बच्चों का भविष्य अंधकारमय है। कंप्यूटर शिक्षा के नाम पर यहां के बच्चे ककहरा भी नहीं जानते। वर्षों पूर्व प्रारंभ किया हुआ भवन आज भी अधूरा पड़ा हुआ है। सीएसआर के तहत शौचालय निर्माण की महज खानापूर्ति हुई है।

शिक्षकों की घोर कमी

यहां तीन ही शिक्षक प्रतिनियुक्त हैं, जबकि आठवीं तक पढ़ाई होती है। कई कक्षाओं का संचालन संयुक्त रूप से किया जाता है। विद्यार्थियों की नामांकित संख्या 136 बताई जाती है। ऐसे में समझा जा सकता है कि यहां पठन-पाठन का स्तर कहां तक उन्नत है। कंप्यूटर शिक्षा को आधुनिक शिक्षा का अनिवार्य अंग कहा जाता है। लेकिन यहां दूर-दूर तक उसका कोई नामोनिशान नहीं है।

चार कमरे का भवन आज भी अधूरा

2018-19 में दो मंजिला भवन का निर्माण प्रारंभ हुआ। हालांकि छत ढलाई हो गई है। लेकिन ऊपर के दो कमरे का निर्माण मुकम्मल तौर पर अब तक नहीं हो पाया है। ईसीएल के सीएसआर फंड से 2015-16 में शौचालय का निर्माण प्रारंभ किया गया। वह आधा अधूरा पड़ा हुआ है।

विद्यार्थियों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पाता है। शिवम कुमार,रितिक राउत,लेवल कुमार, आलोक कुमार व अन्य विद्यार्थी कहते हैं कि आपातकाल में शौच के लिए मैदान जाना पड़ता है। लघुशंका विद्यालय के बाहर जाते हैं।

सोहन कुमार, पीयूष कुमार, विवेक कुमार, करण कुमार व अन्य विद्यार्थी कहते हैं कि यहां शिक्षक की प्रतिनियुक्ति होना अति आवश्यक है। कंप्यूटर शिक्षा की भी व्यवस्था होनी चाहिए।

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