पाकिस्तान के पूर्व व्हाइट बॉल हेड कोच गैरी कर्स्टन ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने पीसीबी के वर्क कल्चर को टॉक्सिक बताया। साथ ही कहा कि प्रोफेशनल रिस्पेक्ट की कमी थी। कर्स्टन ने अचानक पाकिस्तान के हेड कोच पद से इस्तीफा दे दिया था। अब उन्होंने सुझाव दिया है कि पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी के नेतृत्व में बने माहौल ने निरंतर सफलता हासिल करना लगभग असंभव बना दिया था।
6 महीने बाद छोड़ा था पद
कर्स्टन ने श्रीलंका के हेड कोच का पदभार संभालने के कुछ दिनों बाद ही पाकिस्तान के साथ अपने कठिन कार्यकाल के बारे में खुलकर बात की। टॉकस्पोर्ट क्रिकेट के साथ इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उन्होंने 6 महीने बाद ही हेड कोच का पद क्यों छोड़ दिया था।
कर्स्टन ने जताई हैरानी
कर्स्टन ने कहा, “मुझे सबसे ज्यादा हैरानी इस बात पर हुई कि किस हद तक दखलअंदाजी होती है। मुझे नहीं लगता कि मैंने पहले कभी इस स्तर की दखलअंदाजी देखी है। क्या इससे मुझे हैरानी हुई? पता नहीं, लेकिन यह वाकई चौंकाने वाली थी।”
उन्होंने कहा, “जब बाहर से लगातार शोर-शराबा होता रहता है, तो किसी कोच के लिए आकर खिलाड़ियों के साथ काम करने का तरीका खोजना काफी मुश्किल होता है। यह कठिन था और खराब प्रदर्शन वगैरह को लेकर कई दंडात्मक कार्रवाइयां की गईं।”
उन्होंने कहा, “एक कोच के तौर पर, जब टीम अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही होती है, तो आप सबसे आसान निशाना होते हैं, इसलिए लोग कहते हैं कि ‘चलो कोच को हटा देते हैं’ या ‘चलो कोच पर प्रतिबंध लगा देते हैं’, क्योंकि टीम के खराब प्रदर्शन के समय ऐसा करना सबसे आसान होता है। मेरी राय में यह उल्टा असर डालता है। फिर कोच की भर्ती क्यों करें?”


