- जमालपुर ट्रेनों में अवैध वेंडर का जाल जारी, आरपीएफ भी फीकी पड़ी कार्रवाई
- जमालपुर-किऊल रेलखंड में अवैध वेंडिंग बेकाबू, यात्रियों की सेहत खतरे में
- रेलवे ट्रैक पर अवैध वेंडिंग से यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर बड़ा खतरा
- जमालपुर स्टेशन से ट्रेनों में अवैध बिक्री का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा
आरपीएफ और सीआइबी की कार्रवाई जारी
रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच (सीआइबी) समय-समय पर कार्रवाई कर रहे हैं। बुधवार को भी एक संयुक्त अभियान में चार अवैध वेंडरों को गिरफ्तार किया गया और उन पर जुर्माना लगाया गया। इसके बावजूद पूरे रेलखंड में अवैध वेंडिंग पूरी तरह नहीं रुकी है।
जमालपुर-किऊल और बरियारपुर रेलखंड पर ट्रेनों में अवैध वेंडरों का जाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेल अधिनियम के तहत यह साफ तौर पर दंडनीय अपराध है, लेकिन नकली पानी, गुटखा, पकोड़ा और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री खुलेआम जारी है। यह न केवल नियमों की अनदेखी है, बल्कि यात्रियों की सेहत के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर रहा है।
वेंडरों की हरकतें यात्रियों के लिए चुनौती
बताया जाता है कि वेंडरों का झुंड जमालपुर स्टेशन से ट्रेनों में चढ़कर सफर के दौरान चोरी-छिपे सामान बेचता है। यात्रियों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा है। अवैध वेंडिंग के कारण यात्रियों को अक्सर अस्वस्थ भोजन और पानी मिल रहा है, जिससे यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं।


