पूर्वांचल की धरती पर आत्मनिर्भरता का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है, जहां छोटे-छोटे सपनों को सशक्त उद्यमिता के पंख मिल रहे हैं। ‘सक्षम परियोजना’ के माध्यम से ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के उद्यमियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में सार्थक पहल की जा रही है। इसी क्रम में भट्टी-लोहता में तीन दिवसीय वित्तीय साक्षरता, डिजिटल जागरूकता एवं प्रोडक्ट डेवलपमेंट कार्यशाला का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य ने किया।
भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद और बजाज फिन सर्व के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में सूक्ष्म उद्यमियों को आधुनिक व्यवसायिक कौशल से परिचित कराया जा रहा है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूनम मौर्य ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाएं छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘सक्षम परियोजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगी।
कार्यक्रम में ईडीआईआई की प्रतिनिधि लक्ष्मी विश्वकर्मा ने बताया कि यह परियोजना वाराणसी सहित मऊ, गोरखपुर, कुशीनगर और अयोध्या में संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आय में वृद्धि करना है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल बैंकिंग, बीमा, बजट प्रबंधन, नकदी प्रवाह और व्यवसाय विस्तार जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
स्माल बिजनेस डेवलपमेंट एक्सपर्ट सीमा अग्रवाल ने व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से व्यवसाय को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण गुर सिखाए।
यह पहल न केवल कौशल विकास का माध्यम बन रही है, बल्कि पूर्वांचल में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की नई रोशनी भी जगा रही है।


