शाहकुंड की सीओ डॉ. हर्षा कोमल पर कार्रवाई होगी। डीएम डॉ. नवल किशोर चौधरी ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव को कार्रवाई के लिए विहित प्रपत्र भेज दिया है। समाहरणालय स्थित जिला राजस्व शाखा से जारी पत्र के अनुसार, 10 मार्च को अपर समाहर्ता द्वारा शाहकुंड अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि सीओ शनिवार को ही कार्यालय छोड़कर पटना चली गई थीं, लेकिन इसकी कोई सूचना न तो कार्यालय में दी गई थी और न ही मुख्यालय के किसी वरीय पदाधिकारी को।
जांच प्रतिवेदन में कहा गया है कि बिना सूचना के मुख्यालय से बाहर रहना सरकारी सेवक के आचरण के प्रतिकूल है और इससे उनके कार्य के प्रति लापरवाही तथा मनमानेपन की स्थिति स्पष्ट होती है। निरीक्षण के दौरान सरकारी योजनाओं और राजस्व कार्यों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
परिमार्जन प्लस पोर्टल पर अंचल अधिकारी के लॉगिन में 37 मामले लंबित पाए गए, जबकि राजस्व अधिकारी के लॉगिन में एक भी मामला लंबित नहीं था।
जांच के दौरान दो परिवादी अंचल कार्यालय पहुंचे और बताया कि उनका परिमार्जन संबंधी आवेदन काफी समय से लंबित है, जिसका निष्पादन नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा दाखिल-खारिज के कुल 138 मामले भी अंचल अधिकारी के स्तर पर लंबित पाए गए।
वहीं, परिमार्जन प्लस के रेक्टिफिकेशन से जुड़े 104 मामले भी उनके स्तर पर लंबित मिले। एलपीसी के आवेदनों को भी बड़ी संख्या में अस्वीकृत किए जाने की बात सामने आई है, जिसकी संख्या 862 बताई गई है।
जांच रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार की महत्वपूर्ण योजना ‘सात निश्चय’ के तहत सोमवार और शुक्रवार को आम जनता की शिकायत सुनने का निर्देश है। इसके बावजूद अंचल अधिकारी का बिना सूचना के अनुपस्थित रहना सेवा कर्तव्य के प्रति उदासीनता को दर्शाता है।


