रेलवे स्टेशन यार्ड के बीच पाथ वे (रेल लाइनों के बीच पार्सल के लिए तैयार रास्ता) पर ही संरक्षा के मानकों की अनदेखी हो रही। लोग पाथ वे पर ठेला गाड़ी के अलावा बाइक तो चला ही रहे, मोटरसाइकिल खड़ी कर बेफिक्र हो जा रहे। इसमें रेलकर्मियों से लगायत मासिक सीजन टिकट (एमएसटी) पर रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोग भी शामिल हैं। ऐसे में हरपल बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
दरअसल, गोरखपुर जंक्शन पर पार्सल ले जाने और ले आने के लिए एक, दो और नौ नंबर को छोड़ अन्य किसी भी प्लेटफार्म पर कोई सीधा रास्ता नहीं है। पश्चिमी फुट ओवरब्रिज पर रैंप है, लेकिन उसपर भी भारी सामान ले कर चढ़ना और उतरना खतरे से खाली नहीं है। प्लेटफार्म दो, तीन, चार, पांच, छह, सात और आठ पर पार्सल के लिए स्टेशन यार्ड के पूर्व और पश्चिम में पाथ वे बना है।
इससे होकर ठेले आदि गुजरते हैं। यह पाथ वे भी जोखिम भरा है। लेकिन कुछ रेलकर्मी, आइआरसीटीसी के वेंडर, अवैध वेंडर और रेल यात्री भी इस पाथ वे का उपयोग करते रहते हैं। कर्मचारी और मजदूर ठेलागाड़ी के साथ मोटरसाइकिल से भी प्लेटफार्म तक आवागमन करते रहते हैं। अक्सर, यार्ड के बीच पाथ वे पर मोटरसाइकिल छोड़ गायब हो जाते हैं।
इधर, स्टेशन यार्ड में वाहनों के अनधिकृत प्रवेश की शिकायतें बढ़ गई हैं। मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए स्टेशन डायरेक्टर रतनदीप गुप्ता ने सोमवार को स्टेशन यार्ड में अनधिकृत रूप से प्रवेश करने वाले वाहनों के खिलाफ सघन जांच अभियान चलाया। स्टेशन यार्ड के पूर्वी छोर पर खड़ी एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी लावारिश हाल में मिली।
उन्होंने मौके पर ही वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई सुनिश्चित करा दी। स्टेशन डायरेक्टर का कहना है कि स्टेशन यार्ड में अनधिकृत रूप से वाहन लेकर चलना दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर चालान के अलावा वाहन स्वामी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


