जिले के औद्योगिक विकास को जल्द पंख लगने वाले हैं। प्रशासन ने गंगा एक्सप्रेस वे और राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप इंडस्ट्रियल कारीडोर बनाने की तैयारी की है। इसके लिए भमोरा में भूमि चिह्नित कर ली गई है। जल्द यूपीडा के माध्यम से उसे विकसित किया जाएगा।
शासन की औद्योगिक नीति के चलते जिले में उद्योगों की संख्या बढ़ रही है। कई बड़े उद्योग यहां लग रहे हैं। ऐसे में इंडस्ट्रियल कारीडोर की आवश्यकता लंबे समय से जताई जा रही है। प्रशासन ने औद्योगिक गलियारे के लिए आंवला तहसील क्षेत्र में भमोरा गांव के पास एक हजार हेक्टेयर भूमि को चिह्नित किया है।
इस औद्योगिक गलियारा का निर्माण उप्र. एक्सप्रेस वे इंड्रस्ट्रिलय डेवलपमेंट अथारिटी (यूपीडा) से कराने की तैयारी है। यह भूमि निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेस वे और राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट है। दो प्रमुख मार्गों के पास औद्योगिक गलियारा बनाए जाने से उद्योगों को लाभ होगा।
इसके साथ ही यहां उद्योगों का सृजन भी होगा, जिससे जिले की आर्थिकी मजबूत होगी। सोमवार को डीएम अविनाश सिंह अन्य अधिकारियों के साथ चिह्नित भूमि का निरीक्षण कर आगे की कार्यवाही करेंगे।
इंडस्ट्रियल कारिडोर से यह होगा लाभ
औद्योगिक गलियारा मात्र एक सड़क नहीं, बल्कि एक पूरा पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसमें माल की त्वरित आवाजाही के लिए बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होती है। इसमें विशेष प्रकार के उद्योगों जैसे इलेक्ट्रानिक्स, आटोमोबाइल आदि के लिए समर्पित क्षेत्र बनाए जा सकते हैं। यहां उद्यमियों के लिए प्लग एंड प्ले सुविधा उपलब्ध रहती है, यानी इस गलियारे में उद्योगों को जमीन, पानी, बिजली और कनेक्टिविटी आसानी से मिलती है, जिससे कंपनियां बिना देरी के काम शुरू कर लेती हैं।


