दिल्ली पुलिस ने रविवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि अवैध हिरासत में लिए जाने का दावा करने वाले सभी 10 कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है।
हालांकि याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने कहा कि इनमें से एक व्यक्ति, रुद्र विक्रम, अब भी लापता हैं।
हैबियस कॉर्पस याचिकाओं पर नोटिस
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि इन लोगों को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया था। अदालत ने इस संबंध में दायर तीन हैबियस कॉर्पस याचिकाओं पर पुलिस को नोटिस जारी किया है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस के साथ अधिवक्ता शाहरुख आलम और जसदीप ढिल्लों अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान पुलिस ने कहा कि सभी 10 लोगों को छोड़ दिया गया है, लेकिन अधिवक्ता ढिल्लों ने अदालत को बताया कि रुद्र विक्रम का अब तक पता नहीं चल पाया है।
27 को होगी अलगी सुनवाई
इस पर अदालत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह रुद्र विक्रम का पता लगाए और याचिकाओं पर अपना जवाब दाखिल करे। साथ ही कोर्ट ने पुलिस को संबंधित क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 27 मार्च को निर्धारित की है।


