रौनापार पुलिस ने एक लाख रुपये से अधिक के जाली नोटों के साथ संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। यह कार्रवाई गुरुवार की रात टेकनपुर पुल के पास की गई। पुलिस ने इन लोगों के पास से एक लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए हैं। इसके अलावा, लाटघाट पुलिस चौकी के अंतर्गत ग्राम जगदीशपुर के एक व्यक्ति के घर से जाली नोट छापने के उपकरण, प्रिंटर, इंक और लगभग 28,400 रुपये के एक तरफ छपे नोट भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने इस मामले में कुल नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों में नितिन सिंह उर्फ भोला, ऋषिकेश सिंह उर्फ सनी, अभिषेक सिंह उर्फ कान्हा, आदित्य सिंह उर्फ चंकी, शिवम सिंह उर्फ विदुर, मुन्ना पांडे, मनोज कुमार, रुद्र पांडेय और मुख्य सरगना मनीष मिश्रा उर्फ छोटू शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम बरडीहा थाना रौनापार के निवासी हैं, जबकि मुन्ना पांडे गोरखपुर के बड़हलगंज कस्बे का निवासी है। मनोज कुमार ग्राम गांगेपुर और रुद्र पांडेय ग्राम जगदीशपुर के निवासी हैं।
मुख्य सरगना मनीष मिश्रा की रिश्तेदारी जीयनपुर थाना क्षेत्र में है, जहां वह जाली नोट छापने का कारोबार करता था। पुलिस ने इस मामले में गहन पूछताछ शुरू कर दी है। जाली नोटों के साथ पकड़े गए व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं। पुलिस ने पहले भी जाली नोटों के मामले में कार्रवाई की है। चार फरवरी 2024 को रौनापार पुलिस ने 72,000 रुपये के जाली नोटों के साथ एक आरोपी सुबाष यादव को गिरफ्तार किया था। इस मामले में भी मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया था।
रौनापार पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में जाली नोटों के कारोबार पर अंकुश लगाने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे जाली नोटों के प्रति सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस की तत्परता और सक्रियता से उम्मीद है कि जाली नोटों के कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच जारी है, जिससे जाली नोटों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।


