बीएलओ का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाते समय परिवार के लोगों ने रास्ते भर हंगामा किया। शव लेकर जा रहे एंबुलेंस को कई जगह रुकवाने का प्रयास किया गया। कनैली बाजार में शव रास्ते में रखकर जाम लगाने की कोशिश की। रास्ते भर पुलिस जिले में पर्वों के मद्देनजर निषेधाज्ञा लागू होने की दुहाई देती रही।
यमुना नदी में मिला था शव, आरोप
धरमपुर कनैली निवासी बूथ लेवल अफसर कृष्ण बाबू वर्मा का सोमवार की सुबह यमुना नदी में शव मिलने के बाद से ही तरह-तरह की बातें सामने आईं। पहले बीएलओ की बेटियों ने जिस विद्यालय में कृष्ण बाबू अध्यापन करते थे, वहां की प्रधानाध्यापिका व एसआइआर का काम देखने वाले सुपरवाइजर पर आरोप लगाए।
शव पत्थर के बीच फंसा था
दरअसल शव पत्थर के बीच फंसाकर रखा गया था। माना जा रहा है कि कातिल को अच्छी तरह से मालूम था कि शव जलीय जंतु का ऐसे में आहार बन जाएगा। इसी मकसद से दिवंगत के कपड़े भी उतारे गए। फिर यहां एक और बात कौंधी कि कोई बाहर का कातिल होता तो सारे कपड़े उतार देता, बनियान व अंडरवियर भी नहीं छोड़ता।
क्या कहते हैं सीओ चायल?
यही सब से पुलिस का शक अपनों पर हत्या किए जाने को लेकर गहराने लगा। पुलिस के इसी शक को पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने यकीन में बदल दिया। पुलिस माहौल शांत होने का इंतजार कर रही थी। इससे पहले रास्ते भर स्वजन के हंगामे व घटना को दूसरी तरफ मोड़ने के प्रयास ने और भी मजबूती दी। सीओ चायल अभिषेक सिंह का कहना है कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। कई बिंदुओं पर घटना की जांच की जा रही है।


