ओडिशा में होली की धूम, बाजार से लेकर ऑनलाइन तक रंगों की बहार; होटलों में ‘होली बैश’ का क्रेज

 राजधानी में होली को लेकर उत्साह चरम पर है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी रंगों के इस पर्व को पूरे जोश के साथ मनाने की तैयारी में जुट गए हैं। शहर की गलियों और बाजारों में रंगों की दुकानें सज चुकी हैं। रासायनिक रंगों से होने वाले त्वचा रोगों को देखते हुए इस बार हर्बल रंगों की मांग तेजी से बढ़ी है।

व्यापारी रमेश कुमार बताते हैं कि पेड़ों की छाल, जड़ और पत्तियों से तैयार हर्बल रंग 80 ग्राम के पैक में 100 रुपये में उपलब्ध हैं। लोगों का रुझान सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों की ओर बढ़ रहा है।

होटल और रिसॉर्ट में ‘होली बैश’ का क्रेज

होली को खास बनाने के लिए शहर के कई होटल और रिसॉर्ट्स में ‘होली बैश’ के लिए टिकट बुकिंग शुरू हो चुकी है। इन आयोजनों में रेन डांस, पूल पार्टी, स्पेशल बुफे और ड्रिंक्स की व्यवस्था की गई है। कुछ होटल बॉलीवुड के नामचीन आरजे, रैपर और कलाकारों को बुलाने का ऑनलाइन प्रचार भी कर रहे हैं।

स्कूल, कॉलेज और दफ्तरों में पहले ही शुरू होली

एक नंबर क्षेत्र के व्यापारी टिटु माझी बताते हैं कि होली से दो-तीन दिन पहले ही स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में रंग खेला जाने लगा है। छुट्टियों के कारण दोस्त और सहकर्मी पहले ही साथ में होली मना रहे हैं।

बैग पिचकारी, अम्ब्रेला पिचकारी और भूत मुखौटे की बढ़ी मांग

इस बार बाजार में नई तरह की पिचकारियां आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। बैग की तरह कंधे पर टांगी जाने वाली पिचकारी बच्चों को खूब भा रही है। आकार के अनुसार इसकी कीमत 250 रुपये से शुरू होती है।

रंग से बचाव के लिए अम्ब्रेला पिचकारी भी बाजार में उपलब्ध है, जिसकी कीमत 350 रुपये है। वहीं भूत-प्रेत के मुखौटों की भी जमकर बिक्री हो रही है।

ऑनलाइन बाजार में छूट की बरसात

होली को लेकर ऑनलाइन बाजारों में भी खास ऑफर दिए जा रहे हैं। जियो मार्ट और नायका जैसी कंपनियों ने विशेष सेल शुरू की है। बीते कुछ वर्षों में होली टी-शर्ट की मांग भी बढ़ी है। कपड़े की गुणवत्ता और साइज के अनुसार इनकी कीमत 100 से 1000 रुपये तक है।

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