सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार को रेल कर्मियों की सूझबूझ से एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया।
इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस के इंजन से अचानक घना धुआं निकलने के बाद स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन कर्मचारियों की त्वरित कार्रवाई ने सैकड़ों यात्रियों को सुरक्षित बचा लिया।
घटनाक्रम के अनुसार, जैसे ही इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस आदित्यपुर स्टेशन के पास पहुंची, वहां ड्यूटी पर तैनात रेल कर्मचारियों की नजर इंजन के निचले हिस्से से निकलते काले धुएं पर पड़ी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कर्मचारियों ने बिना देरी किए इसकी सूचना स्टेशन मास्टर और उच्च अधिकारियों को दी। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ट्रेन को तत्काल स्टेशन पर ही रोक दिया गया।
इंजन से धुआं निकलता देख यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए ”बर्निंग ट्रेन” की आशंका को लेकर हड़कंप मच गया, लेकिन रेल प्रबंधन ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया।
सूचना मिलते ही तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। शुरुआती जांच में धुएं का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट या ब्रेक बाइंडिंग होना बताया जा रहा है।
रेल कर्मियों ने तुरंत आग बुझाने वाले उपकरणों (अग्निशमन यंत्रों) का उपयोग किया और धुएं पर पूरी तरह काबू पा लिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कर्मचारियों ने समय रहते धुआं नहीं देखा होता, तो यह एक भीषण आग का रूप ले सकता था और जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था।
आदित्यपुर स्टेशन के रेल कर्मियों की इस सतर्कता की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा सराहना की जा रही है। ट्रेन को आगे रवाना करने से पहले तकनीकी टीम ने इंजन की पूरी बारीकी से जांच की।
जब सुरक्षा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो गए, तभी ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
फिलहाल, रेलवे विभाग इस तकनीकी खराबी के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।


