शिमला पुलिस विवाद नहीं थमा, गिरफ्तारी मामले में दिल्ली टीम को समन जारी करने की तैयारी; …तो विभागीय कार्रवाई भी संभव
दिल्ली पुलिस टीम के अधिकारियों को शिमला पुलिस पूछताछ के लिए हिमाचल बुला सकती है। रोहड़ू के चांशल कैंप रिजार्ट के मालिक की शिकायत पर पुलिस थाना चिड़गांव में दर्ज एफआइआर के बाद शिमला पुलिस ने जांच तेज कर दी है। इस मामले में कानूनी सलाह ली जा रही है। इसके बाद दिल्ली पुलिस के नामजद अधिकारियों को पूछताछ के लिए समन जारी करने की तैयारी है।
अपहरण समेत लगी हैं विभिन्न धाराएं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समन जारी करने से पहले विधिक प्रक्रिया को मजबूत करना आवश्यक है। पुलिस ने दिल्ली पुलिस की टीम के खिलाफ अपहरण समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
..तो विभागीय कार्रवाई भी संभव
अधिकारियों का कहना है कि किसी भी राज्य की पुलिस को दूसरे राज्य में कार्रवाई करने से पहले स्थानीय पुलिस से समन्वय और औपचारिक सूचना देना अनिवार्य होता है। जांच एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि क्या इस कार्रवाई से पहले कोई आधिकारिक अनुमति, वारंट या समन्वय प्रक्रिया अपनाई गई थी या नहीं। यदि जांच में उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है और विभागीय कार्रवाई भी संभव है।
हो रही कड़ी निगरानी
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस मामले की निगरानी की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। घटना के समय, खुफिया इनपुट और कार्रवाई के निर्णय लेने की प्रक्रिया की भी जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आखिर किस परिस्थिति में यह विवाद हुआ। जांच टीम सभी दस्तावेज, काल रिकार्ड, टीम मूवमेंट और स्थानीय समन्वय से जुड़े तथ्यों को भी एकत्र कर रही है।
यह है मामला
दिल्ली पुलिस ने 25 फरवरी को हिमाचल पुलिस को सूचना दिए बिना चांशल कैंप रिजार्ट से दिल्ली में आयोजित एआइ समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन करने वाले युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दिल्ली पुलिस को हिमाचल पुलिस ने रोक दिया था। इससे दोनों राज्यों की पुलिस में टकराव की स्थिति बनी। आरोपितों को ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस चली गई थी।


