मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भले ही होली के पहले सभी को वेतन, पेंशन और मानदेय की घोषणा कर दी है, लेकिन हरदोई में हर हाथ को काम देने का दावा करने वाली मनरेगा के पिछले कई माह से खुद के हाथ खाली है।
मनरेगा योजना का संचालन ग्राम पंचायत स्तर तक करवाने वाले कर्मियों को सात माह से मानदेय के लाले हैं तो वहीं ढाई लाख से अधिक श्रमिकों, मिस्त्री व मेट को चार माह से अपने पारिश्रमिक का इंतजार है। दीपावली पर तो इनके घर अंधेरा था, इधर बजट न आने से इन सभी की होली फीकी जाने के पूरे आसार हैं।
मनरेगा के संचालन को लेकर जिले में ब्लाक स्तर पर एपीओ व कंप्यूटर आपरेटरों की तैनाती की गई है। इसके अलावा ग्राम पंचायत स्तर पर तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक तैनात हैं। मौजूदा समय में 13 एपीओ, 19 आपरेटर, 700 से अधिक तकनीकी सहायक व रोजगार सेवक तैनात हैं। बजट के अभाव में इन सभी को पिछले सात माह से मानदेय की प्राप्ति नहीं हुई है। होली निकट आने के बाद भी इस ओर कोई आसार नहीं नजर आ रहे हैं।
इसके अलावा मनरेगा मजदूरों का भी इस वर्ष का ही ढाई करोड़ के लगभग भुगतान लटका है। पिछले चार माह से इन्हें मानदेय नहीं मिला है। ऐसे में किस तरह से वह इस समय अपना जीवन यापन कर रहे हैं और किस तरह होली परिवार के साथ मना पाएंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यही नहीं मिस्त्री, मेट सहित सामग्री में मनरेगा 47 करोड़ की कर्जदार है।
वर्ष 2025-26 में मनरेगा में उधारी
ब्लाक कुल देयता (लाख में)
अहिरोरी 134.56
बावन 327.43
बेहंदर 98.83
भरावन 196.33
भरखनी 338.06
बिलग्राम 195.62
हरियावां 427.96
हरपालपुर 213.92
कछौना 46.82
कोथावां 110.2
माधौगंज 68.17
मल्लावां 58.93
पिहानी 253.61
सांडी 111.36
संडीला 57.61
शाहाबाद 675.52
सुरसा 421.95
टड़ियावां 724.14
टोडरपुर 294.71
बजट आने की उम्मीद
उपायुक्त श्रम रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि रोजगार मनरेगा को लेकर बजट आने की उम्मीद है। उच्चाधिकारियों व शासन को यहां की स्थितियों से अवगत कराया जा रहा है। कुछ ब्लाकों में पूर्व में बजट का आवंटन हुआ है, इससे मानदेय का भुगतान हुआ है।


