मध्याह्न भोजन योजना (Mid-Day Meal) में अनियमितता और फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकारी राशि निकासी के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना-सह-मध्याह्न भोजन योजना), की ओर से जारी आदेशों में जिले के विभिन्न प्रखंडों के विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर कुल 5 लाख 50 हजार 758 रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि कुछ विद्यालयों में वास्तविक उपस्थिति से अधिक बच्चों की संख्या दर्ज कर मध्याह्न भोजन मद से अधिक राशि निकाली गई। इसे गंभीर वित्तीय गड़बड़ी मानते हुए विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई की है। कार्रवाई की जद में बाजपट्टी, नानपुर, मेजरगंज, बथनाहा और बैरगनिया प्रखंड के विद्यालय शामिल हैं।
संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया गया है कि आदेश प्राप्ति के सात दिनों के भीतर निर्धारित राशि बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना समिति, सीतामढ़ी के नाम से डिमांड ड्राफ्ट या नेफ्ट के माध्यम से जमा कर प्रमाण कार्यालय को उपलब्ध कराएं। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय समय सीमा में राशि जमा नहीं करने पर संबंधित राशि वेतन से वसूल की जाएगी।
इधर, बैरगनिया प्रखंड में विद्यालयों के कमजोर अनुश्रवण को लेकर प्रखंड साधन सेवी के फरवरी माह के मानदेय में 10 प्रतिशत कटौती का भी आदेश दिया गया है। विभागीय स्तर पर इसे जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना बच्चों के पोषण और विद्यालय में उपस्थिति बढ़ाने से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


