एआई समिट प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार तीन इंडियन यूथ कांग्रेस (आईवाईसी) कार्यकर्ताओं को बृहस्पतिवार को पटियाला हाउस स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता की अदालत में पेश किया गया। मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपितों की पांच दिन की पुलिस रिमांड की मांग की है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दलील दी कि आरोपित इस बात से पूरी तरह अवगत थे कि उनके अन्य साथी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इसके बावजूद वे छिपे हुए थे। पुलिस ने कहा कि कार्यक्रम स्थल पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और विदेशी प्रतिनिधि मौजूद थे व विरोध प्रदर्शन से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई।
वहीं, बचाव पक्ष ने पुलिस की मांग का विरोध करते हुए कहा कि यह एक शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रदर्शन था। आरोपितों की ओर से दलील दी गई कि किसी प्रकार का हिंसा फैलाने वाला भाषण नहीं दिया गया, न ही किसी पुलिसकर्मी पर हमला हुआ। अधिवक्ता ने दलील दी कि मामले में हत्या या दुष्कर्म जैसे गंभीर आरोप नहीं हैं और यह राजनीतिक विरोध को निशाना बनाने की कार्रवाई है।


