24 मिनट में चार विधेयक पारित: बिहार विधानसभा में तेजी, विपक्ष के संशोधन खारिज
बिहार विधानसभा में मंगलवार को महज 24 मिनट के भीतर चार अहम विधेयक पारित कर दिए गए। संसदीय कार्य मंत्री Vijay Kumar Chaudhary ने एक-एक कर सभी विधेयक सदन में पेश किए। तेजी से हुई कार्यवाही ने राजनीतिक हलकों में चर्चा को जन्म दिया। विपक्ष ने प्रक्रिया की रफ्तार पर सवाल उठाए। इसके बावजूद बहुमत के आधार पर सरकार ने विधेयकों को पारित करा लिया।
किन-किन विधेयकों को मिली मंजूरी
सदन में बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 प्रस्तुत किया गया। इसके साथ बिहार कर्मचारी चयन आयोग (संशोधन) विधेयक 2026 भी लाया गया।
बिहार नगरपालिका (संशोधन) विधेयक 2026 को भी चर्चा के बाद मंजूरी मिली। वहीं बिहार सिविल न्यायालय विधेयक 2026 सर्वसम्मति से पारित हुआ। चारों विधेयकों को क्रमवार पारित कर दिया गया।
विपक्ष के संशोधन प्रस्ताव खारिज
चर्चा के दौरान राजद विधायक राहुल कुमार ने चारों विधेयकों में संशोधन प्रस्ताव रखे। उन्होंने कुछ प्रावधानों में बदलाव की मांग करते हुए पुनर्विचार का आग्रह किया।
विपक्ष का कहना था कि इतने महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। हालांकि सदन ने सभी संशोधन प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया। सरकार ने अपने बहुमत के दम पर विधेयकों को पारित कराया।
सरकार का दावा-प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कदम
सरकार की ओर से कहा गया कि संशोधन प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हैं। मंत्री ने दावा किया कि नियुक्ति प्रक्रियाओं में तेजी आएगी।
स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। न्यायिक व्यवस्था को भी इन प्रावधानों से मजबूती मिलने की बात कही गई।
सरकार ने इसे सुधारात्मक पहल बताया।
जल्दबाजी पर सवाल, बहुमत से पास
विपक्ष ने विधेयकों को जल्दबाजी में पारित करने पर आपत्ति जताई। उनका आरोप था कि पर्याप्त विमर्श का अवसर नहीं दिया गया। सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताया।
अंततः महज 24 मिनट में चारों अहम विधेयक पारित हो गए। सदन की इस त्वरित कार्यवाही ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।


