द्वारका एक्सप्रेसवे पर सीएंडडी वेस्ट यार्ड को लेकर विरोध तेज, निवासियों ने दिया 7 दिन का अल्टीमेटम

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द्वारका एक्सप्रेसवे के किनारे प्रस्तावित सीएंडडी वेस्ट डंपिंग यार्ड के विरुद्ध रविवार को स्थानीय निवासियों और ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। करीब 500 से अधिक लोगों ने एकजुट होकर सेक्टर-103 और 106 में प्रस्तावित इस यार्ड को तुरंत हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन (डीएक्सपीजीडीए) के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सेक्टर-103 में प्रस्तावित यह यार्ड एक संचालित प्ले स्कूल से मात्र 50 मीटर की दूरी पर है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इसके अलावा यह क्षेत्र पहले से ही घनी आबादी वाला है, जहां कचरा यार्ड बनने से वायु प्रदूषण बढ़ने की आशंका है।

रिहायशी इलाके के पास कचरा यार्ड बनाना गलत

लोगों ने आरोप लगाया कि जहां एक ओर आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर रिहायशी इलाके के पास कचरा यार्ड बनाना गलत योजना का उदाहरण है।

डीएक्सपीजीडीए के संयोजक सनी दौलताबाद ने कहा कि यह परियोजना बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के साथ समझौता है। वहीं उप-संयोजक प्रखर सहाय ने इसे शहर के विकास के विजन के विरुद्ध बताया। गोदरेज मेरिडियन के निवासी अधिवक्ता यश ने कहा कि यह यार्ड सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य पर असर डालेगा।

ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाओं में हो जमीन का इस्तेमाल

प्रदर्शन में सेक्टर 99 से 115 तक की कई सोसायटियों के आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों और बाबूपुर गांव के लोगों ने भी भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को 7 दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान यार्ड को अन्य गैर-आवासीय क्षेत्र में स्थानांतरित नहीं किया गया, तो वे नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल का रुख करेंगे और आंदोलन को और तेज करेंगे। साथ ही उन्होंने मांग की कि इस जमीन का उपयोग पार्क और ग्रीन बेल्ट जैसी सुविधाओं के लिए किया जाए।

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