UP के इस जिले में ‘जीरो वेस्ट महोत्सव’ ने रचा इतिहास, शिवलिंग पर अर्पित दूध, जल और फूल किए एकत्र; पशु-पक्षियों ने किया उपयोग

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 फाल्गुन मास की पावन महाशिवरात्रि के अवसर पर ऐतिहासिक श्री परशुरामेश्वर पुरा महादेव मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में धार्मिक आयोजनों को सुरक्षित, स्वच्छ, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने की जो परंपरा स्थापित हुई है, उसका जीवंत उदाहरण इस वर्ष पुरा महादेव मेला बनकर सामने आया।

मंदिर परिसर में विशेष स्वयंसेवकों की टीम तैनात रही। वे शिवलिंग पर अर्पित दूध, जल, फूल और अन्य पूजन सामग्री को अलग-अलग एकत्र करते रहे। शिवलिंग पर चढ़ाया गया दूध स्वयं सेवकों से इकट्ठा करने में डीएम अस्मिता लाल ने भी योगदान दिया।

श्रद्धालुओं ने थैलों को उत्साहपूर्वक स्वीकार किया और प्लास्टिक के स्थान पर इन्हें उपयोग में लाने का संकल्प लिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु थैलों में प्रसाद लेकर गए। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिला, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और पुनर्वास की भावना को भी मजबूती मिली।

जीरो वेस्ट महोत्सव

पहली बार इस मेले को “जीरो वेस्ट महोत्सव” के रूप में आयोजित किया जा रहा है। प्रशासन ने मेले को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और दुकानदारों तथा श्रद्धालुओं को पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। यह पहल दर्शाती है कि आस्था और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।
जीरो वेस्ट महोत्सव की सबसे प्रेरणादायक पहल यह है कि मेले से निकलने वाले कचरे को बेकार नहीं जाने दिया जा रहा, बल्कि उसे उपयोगी संसाधनों में परिवर्तित किया जा रहा है। मंदिर में चढ़ाई जाने वाली फूल-मालाओं और पूजन सामग्री से जैविक खाद और अगरबत्ती तैयार की जाएगी।

वहीं सूखे कचरे को रिसाइक्लिंग यूनिट तक भेजकर उससे विभिन्न उपयोगी वस्तुएं बनाई जाएंगी। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण में सहायक है, बल्कि समाज को “वेस्ट टू वेल्थ” का महत्वपूर्ण संदेश भी दे रही है।

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