औद्योगिक नगरी की परिवहन व्यवस्था व हवा में सुधार के लिए जिले को जल्द 200 इलेक्ट्रिक सिटी बसें मिलने वाली हैं। बसें यहां भेजने के लिए सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अहम बैठक करेंगे। इसमें तारीख तय की जाएगी।
इसके बाद बसें यहां आ जाएंगी। बसों का संचालन फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण करेगा। हैरत की बात यह है कि इन बसों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशन तैयार नहीं है। काम शुरू होने के बाद इसे पूरा होने में करीब चार से पांच माह लग जाएंगे।
ऐसे में यदि बसें आ भी जाएंगी तो वह शोपीस बनी रहेंगी। सड़कों पर नहीं उतरेंगी। विभागीय तालमेल के अभाव की वजह से यह सब हो रहा है। इस लापरवाही की वजह से आमजन को बसों का समय पर लाभ नहीं मिल सकेगा।
सेक्टर-61 में बनेगा बस डिपो
सेक्टर-61 हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का है। यहां सिटी बस डिपो निर्माण पर करीब छह करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है। बाकी इलेक्ट्रिकल से संबंधित काम के लिए तीन करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
इस डिपो को बनाने के लिए दो साल से कागजी कार्य चल रहा था, लेकिन जमीन न मिलने से कार्य बीच में ही अटका हुआ था। अब से पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण अपनी जमीन फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण को फ्री में देने को तैयार नहीं था।
इसलिए मामला अटका रहा। बाद में तय हुआ कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण डिपो निर्माण करेगा और इसके ऊपर कामर्शियल गतिविधियां होंगी। जिससे प्राधिकरण कमाई करेगा।
पांच एकड़ जमीन की तय
सिटी बस डिपो के लिए सेक्टर-61 में पांच एकड़ जमीन तय की है। यह जमीन दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की लिंक सड़क किनारे है। अब बस डिपो की चहारदीवारी होगी। सर्विस स्टेशन बनाया जाएगा। स्टाफ के बैठने के लिए कमरे बनेंगे। वर्कशाप व चार्जिंग प्वाइंट बनाए जाएंगे। बसों के खड़े होने के लिए बड़ा पार्किंग स्थल भी बनाया जाएगा।


