नोएडा-ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का साया फिर गहरा गया है। सोमवार को को गरज के साथ हुई वर्षा से प्रदूषण का स्तर कुछ कम हुआ। वर्षा थमी तो दिन में शहर का प्रदूषण स्तर तेजी से बढा और बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गया।
शहर में प्रदूषण नियंत्रण के सभी प्रयास विफल हैं। प्रदूषण नियंत्रण की स्थिति अभी तक पूरी तरह से हवा पानी के भरोसे है। बुधवार को दोनों शहरों की हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुई। नोएडा का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 351 और ग्रेटर नोएडा का 352 अंक बेहद खराब श्रेणी में दर्ज हुआ।
यह स्थिति ठीक चार दिन पहले 31 जनवरी की याद दिलाती है। जब हवा इसी स्तर पर थी। ग्रेटर नोएडा देश के सबसे प्रदूषित शहरों में तीसरे और नोएडा चौथे स्थान पर रहा। हालांकि, राहत यह है कि कोहरा अब छंट रहा है और मौसम सुधार की ओर बढ़ रहा है। तेज हवाएं और धूप से सर्दी में भी गर्माहट महसूस होगी।
बढ़ते प्रदूषण ने चिंताएं एक बार फिर बढा दीं हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और श्वांस रोगियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। स्थिर मौसम, वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य और उड़ती धूल पर नियंत्रण नहीं होने से प्रदूषण का स्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है।
बुधवार का शहर का अधिकतम तापमान 21 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज हआ। 10 फरवरी तक तापमान में स्थिरता रहते हुए अधिकतम 23, न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के आसार मौसम विभाग की ओर से जताए गए हैं।
हवा से धूप रहेगी बेअसर
मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार बृहस्पतिवार से तीन दिन हवा चलने के आसार जताए गए हैं। यह हवा निचली सतह पर 20 किमी प्रति घंटे से अधिक रफ्तार पर चलने का अनुमान है। हवा से धूप बेअसर साबित हो सकती है।


