सिंगरौली में अंधविश्वास का खूनी खेल, जादू-टोने के शक में दो की निर्मम हत्या
21वीं सदी के भारत में जहा विज्ञान और विकास की बातें हो रही हैं वहीं मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले से एक ऐसी रोंगटे खड़े कर देने वाली खबर सामने आई है जिसने समाज को शर्मसार कर दिया है। जियावन थाना क्षेत्र के लोहरा गांव में अंधविश्वास की वेदी पर दो मासूम जिंदगियां चढ़ा दी गईं।
यहां जादू-टोने के शक में एक महिला और एक पुरुष की कुल्हाड़ी या धारदार हथियार से काटकर नृशंस हत्या कर दी गई। मृतकों की पहचान फुलकुमारी सिंह गौड़ पत्नी गोरेलाल (45) और केमला पुत्र बलदेव सिंह (50) के रूप में हुई है।
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात वाली जगह पर पुलिस को बड़ी संख्या में नारियल और पूजा-पाठ की अन्य सामग्री मिली है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि हत्या से पहले या बाद में कोई बड़ा टोना-टोटका या तंत्र-मंत्र का अनुष्ठान किया गया था।
ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी युवक को संदेह था कि मृतक जादू-टोना करते थे जिसके कारण उसके परिवार या निजी जीवन में परेशानियां आ रही थी। इसी नफरत और अंधविश्वास की आग में जलते हुए आरोपी ने दोनों को मौत के घाट उतार दिया। सोमवार सुबह जब ग्रामीणों ने शव देखे तो पूरे लोहरा गांव में मातम और दहशत का माहौल फैल गया।
वारदात की सूचना मिलते ही जियावन थाना पुलिस सक्रिय हुई और त्वरित कार्रवाई करते हुए संदिग्ध आरोपी युवक को उसके घर से धर दबोचा।पुलिस की शुरुआती पूछताछ में टोटका कनेक्शन और पुरानी रंजिश की बातें खुलकर सामने आ रही हैं।
पुलिसहत्या में प्रयुक्त हथियार की तलाश कर रही है।सिंगरौली की यह घटना केवल एक अपराध नहीं है बल्कि हमारे समाज में गहरी पैठ जमाए बैठे अंधविश्वास की बीमारी का लक्षण है। शिक्षा की कमी और तांत्रिकों के बहकावे में आकर लोग अपने ही पड़ोसियों के खून के प्यासे हो रहे हैं।


