जिले में फार्मर रजिस्ट्री अभियान की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने कड़ा रुख अपनाया है। नीचे से पांच अंचलों की ग्रामवार समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अंचलों के कार्यों की समीक्षा की और स्पष्ट कहा कि जिन गांवों में पंजीकरण की रफ्तार कम है, वहां विशेष अभियान चलाया जाए।
उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया कि कम निबंधन वाले गांवों को प्राथमिकता के आधार पर चिन्हित कर लक्ष्य तय करें। ऐसे क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की जाए और नियंत्रण कक्ष के माध्यम से छूटे हुए किसानों से फोन पर संपर्क कर उनका पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए।
मोतीपुर, सकरा, गायघाट और कुढ़नी अंचलों की प्रगति अपेक्षाकृत कम रहने पर इनकी विशेष ग्रामवार समीक्षा करने का निर्णय लिया गया है। डीएम ने कहा कि गुरुवार को विस्तृत समीक्षा बैठक में नीचे से पांच अंचलों को चिन्हित कर जवाबदेही तय की जाएगी।
जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार और प्रखंड कृषि पदाधिकारी को स्पष्ट लक्ष्य सौंपे जाएं तथा उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। समीक्षा के दौरान कटरा प्रखंड के कमजोर प्रदर्शन पर असंतोष व्यक्त करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बुधवार को 4,489 किसानों का नया पंजीकरण किया गया, जिससे कुल संख्या बढ़कर 2 लाख 37 हजार 636 हो गई है। प्रखंडवार रैंकिंग में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के प्रतिशत उपलब्धि के आधार पर बंदरा प्रखंड 52.52 प्रतिशत के साथ प्रथम स्थान पर है। इसके बाद बोचहां (41.68%), मुरौल (40.87%), मीनापुर (39.45%) और साहेबगंज (38.62%) का स्थान है।


