दुमका के कई मेधावी अभ्यर्थियों ने इस बार नेट जेआरएफ की परीक्षा में परचम लहरा कर अपनी प्रतिभा को साबित किया है। दुमका के खूंटाबांध में रहने वाले अक्षय आदित्य ने अंग्रेजी संकाय में 99.52 परसेंटाइल हासिल किया है।
अक्षय ने कुल 300 के प्राप्तांक में 178 अंक हासिल किया है। अक्षय ने अपनी स्कूल शिक्षा दुमका से पूरी की है जबकि कॉलेज की पढ़ाई केंद्रीय विश्वविद्यालय रांची से लेकर बीएचयू से पूरी की है।
अक्षय के दादा प्रो.मदनेश्वर चौधरी दुमका के संताल परगना कॉलेज में व्याख्याता के पद से सेवानिवृत हुए हैं जबकि इनके पिता मलयज वत्स एक व्यवसायी हैं। माता सीमा वत्स गृहणी हैं।
अपने पौत्र की सफलता से खुश प्रो.मदनेश्वर चौधरी कहते हैं कि शुरुआत से ही अक्षय एक मेधावी छात्र रहा है। स्कूल से लेकर कॉलेज और अब प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनी प्रतिभा का उम्दा प्रदर्शन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दुमका जैसे छोटे शहर में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। माता सीमा वत्स ने कहा कि अक्षय शिक्षा के क्षेत्र में अपने करियर को बनाने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहा है।
पिता मलयज वत्स ने कहा कि शिक्षा व अध्ययन से अक्षय को विशेष लगाव है। वह अपना अधिकांश समय अध्ययन में गुजरता है। अब तक उसने कई स्तर पर सफलताएं हासिल की है। उसकी सफल पूरे परिवार को हर्षित करने वाला है।
वहीं, दुमका के ही रसिकपुर सोनुवाडंगाल निवासी राजीव नयन ने भी नेट-जेआरएफ की परीक्षा में अर्थशास्त्र विषय में शानदार सफलता हासिल की है। राजीव ने 99.65 से अधिक परसेंटाइल प्राप्त की है। राजीव के मुताबिक उसे सेल्फ स्टडी के जरिए इतनी बड़ी कामयाबी मिली है।
राजीव ने कहा कि वह पूरी तरह सेल्फ स्टडी और अपनी कड़ी मेहनत के दम यह सफलता हासिल की है। राजीव इससे पूर्व में दो बार नेट एवं गेट उत्तीर्ण कर चुके हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जेआरएफ के साथ उच्च स्कोर प्राप्त किया है।
राजीव ने 12 वीं तक की शिक्षा दुमका के प्लस टू नेशनल हाई स्कूल से पूरा की और इसके बाद बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की। उन्होंने इस सफलता के लिए साइंस फार सोसाइटी के डॉ.शंकर पंजियारा, स्व. शिशिर कुमार घोष, डॉ. डुमराज साहा के प्रति आभार जताया है।


