प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस: जिले में पात्रता सत्यापन अभियान अंतिम चरण में

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प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस: जिले में पात्रता सत्यापन अभियान अंतिम चरण में, तीन दिन शेष

स्क्रिप्ट: जिले में गरीब और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए व्यापक सर्वेक्षण किया गया था। इस सर्वेक्षण का कार्य विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत 10 जनवरी से 15 मई 2025 तक सभी प्रखंडों में तैनात कर्मियों द्वारा संपन्न कराया गया।

इस सर्वेक्षण में हजारों परिवारों को शामिल किया गया, जिनकी पात्रता की जांच अब अंतिम चरण में है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, सर्वे सूची में दर्ज नामों का सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 29 जनवरी 2026 तक जारी रहेगा। यानी अब पात्रता सत्यापन के लिए केवल तीन दिन का समय शेष है।

पात्रता सत्यापन का महत्व प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस का उद्देश्य उन लोगों को पक्का घर उपलब्ध कराना है, जो अब तक कच्चे मकानों में रह रहे हैं या जिनके पास रहने के लिए सुरक्षित आवास नहीं है। इस योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया से किया जाता है। पहले चरण में सर्वेक्षण के जरिए संभावित लाभार्थियों की सूची तैयार की जाती है और दूसरे चरण में उनकी पात्रता का सत्यापन किया जाता है।

सत्यापन प्रक्रिया में यह देखा जाता है कि चयनित व्यक्ति वास्तव में योजना की शर्तों पर खरा उतरता है या नहीं। इसमें आय स्तर, वर्तमान आवास की स्थिति, सामाजिक-आर्थिक मानदंड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाती है। यही कारण है कि यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिले में अभियान की स्थिति जिले के सभी प्रखंडों में पदाधिकारी और कर्मी घर-घर जाकर लाभार्थियों की पात्रता की जांच कर रहे हैं। कई स्थानों पर ग्रामीणों ने स्वयं भी सहयोग किया है और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस बार सत्यापन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल माध्यम से भी जोड़ा गया है, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या गड़बड़ी की संभावना न रहे।

विभागीय सूत्रों ने बताया कि अब तक अधिकांश लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, लेकिन कुछ मामलों में दस्तावेजों की कमी या अन्य कारणों से प्रक्रिया लंबित है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जा रहा है।

ग्रामीणों की उम्मीदें ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह योजना जीवन बदलने वाली साबित हो रही है। जिन परिवारों के पास सुरक्षित आवास नहीं है, वे इस योजना से जुड़कर अपने सपनों का घर पाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। कई लाभार्थियों ने बताया कि यदि उन्हें इस योजना का लाभ मिलता है तो उनके बच्चों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा और परिवार को स्थायी छत का सहारा मिलेगा।

प्रशासन की चुनौती हालांकि प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती समय सीमा है। केवल तीन दिन शेष रहने के कारण अधिकारियों और कर्मियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे शेष लाभार्थियों का सत्यापन जल्द से जल्द पूरा करें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा के बाद कोई भी नया नाम सूची में शामिल नहीं किया जाएगा।

निष्कर्ष प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना प्लस के अंतर्गत चल रहा यह सत्यापन अभियान जिले के हजारों परिवारों के भविष्य से जुड़ा है। तीन दिन बाद यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और अंतिम सूची तैयार होगी। इसके बाद पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। ग्रामीणों की उम्मीदें प्रशासन की तत्परता पर टिकी हैं और सभी की नजरें 29 जनवरी 2026 पर हैं, जब सत्यापन अभियान का अंतिम दिन होगा।

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