गोरखपुर स्थित रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय में फर्जी नियुक्ति का मामला सामने आने के बाद सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपित रेलकर्मियों को पूछताछ के लिए समन जारी किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, रेलवे भर्ती बोर्ड कार्यालय गोरखपुर में तैनात रेलकर्मी चंद्र शेखर आर्या और राम सजीवन को सीबीआई ने लखनऊ बुलाया है। इसके अलावा, रेलवे भर्ती बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष (चेयरमैन) नुरुद्दीन को भी पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी की जा रही है। भविष्य में अन्य संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सीबीआई जांच शुरू होते ही रेलकर्मियों में हड़कंप मच गया है।
जांच में सामने आया है कि 26 अप्रैल, 2024 को जारी भर्ती पैनल में दोनों रेलकर्मियों ने फर्जी तरीके से अपने बेटों का नाम शामिल कर दिया था। सात अभ्यर्थियों की सूची में बिना आवेदन पत्र भरे, परीक्षा दिए, मेडिकल टेस्ट कराए और दस्तावेज़ों की जांच किए ही उनके बेटों को शामिल कर दिया गया। इस तरह पैनल में सात की जगह नौ नाम दर्ज कर दिए गए।
सीबीआई अब इस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो यह भर्ती प्रक्रिया में गंभीर भ्रष्टाचार और नियमों की खुली अवहेलना का मामला होगा।
रेलवे भर्ती बोर्ड से जुड़े इस मामले ने अभ्यर्थियों और कर्मचारियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि फर्जी तरीके से नियुक्तियां की जाती हैं तो मेहनत और योग्यता का कोई महत्व नहीं रह जाता। वहीं, कर्मचारियों में भी यह चर्चा है कि जांच के बाद कई और नाम सामने आ सकते हैं।


