पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जनपद न्यायाधीश धनेंद्र प्रताप सिंह की कोर्ट से 19 जनवरी को जमानत आदेश मिलने के बावजूद वह अब तक जिला कारागार में निरुद्ध हैं। रिहाई में तकनीकी अड़चनें आड़े आ रही हैं, वहीं जेल से बाहर निकलते ही पुनः गिरफ्तारी की आशंका ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ पुलिस की वज्र वाहन देवरिया में डेरा डाले हुए है। स्टेशन रोड स्थित एक होटल के सामने खड़ी पुलिस गाड़ी को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि जेल से रिहाई के तुरंत बाद अमिताभ ठाकुर को दोबारा गिरफ्तार किया जा सकता है।
धोखाधड़ी के माध्यम से औद्योगिक प्लाट आवंटन के मामले में अमिताभ ठाकुर 10 दिसंबर 2025 से जिला कारागार में बंद हैं। जेल में रहते हुए उन्हें हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उन्हें फर्जी टेलीफोन काल्स से भी परेशान किया जा रहा है।
झूठी निकली चोट लगने की सूचना
अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता प्रवीण द्विवेदी ने बताया कि बीते दिन पूर्व आईपीएस अमिताभ के पिता के पास किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर यह सूचना दी कि जेल में अमिताभ ठाकुर को चोट लग गई है। सूचना मिलते ही अधिवक्ता जिला कारागार पहुंचे, जहां जांच में पाया गया कि ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
अधिवक्ता ने यह भी बताया कि लखनऊ पुलिस की गाड़ी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के उद्देश्य से देवरिया पहुंची है। फिलहाल एक होटल के पास खड़ी है। उन्होंने बताया कि शनिवार को अमिताभ ठाकुर की रिहाई होनी थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।


