सरकारी सिस्टम की गंभीर खामी ने करनाल के सेक्टर 34 में रहने वाले पीड़ित रविंद्र को दर-दर भटकने पर मजबूर कर दिया। छह साल पहले मर चुकी उनकी पत्नी सविता को 16 जिलों में 90 वाहनों की मालकिन बना डाला। आश्चर्यजनक बात यह है कि सविता की मौत के दो साल बाद खरीदी गई गाड़ियां भी उसके नाम चढ़ा दी गईं।
दो महीने से 70 वर्षीय रविंद्र की पेंशन बंद है। रविंद्र का कहना है कि उनकी पत्नी सविता की वर्ष 2019 में मृत्यु हो चुकी है। परिवार पहचान पत्र में सविता को न केवल जीवित दिखाया गया, बल्कि उसके नाम बाइक, स्कूटी, कार और ट्रक सहित कुल 90 वाहन चढ़ा दिए गए।
ये वाहन करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, रोहतक, हिसार, सिरसा, कुरुक्षेत्र, बहादुरगढ़, रेवाड़ी, नारनौल सहित 16 जिलों के आरटीओ कार्यालयों में दर्ज बताए जा रहे हैं।
मौत के बाद भी खरीदी गई गाड़ियां
रविंद्र का आरोप है कि पत्नी की मृत्यु के बाद भी वर्ष 2021 में खरीदी गई गाड़ियां उसके नाम पर दिखा दी गईं। नियमों के अनुसार यदि किसी परिवार की वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक हो तो उसे बुढ़ापा पेंशन का लाभ नहीं मिलता। पत्नी के नाम इतनी बड़ी संख्या में वाहन दर्ज होने से उनकी पेंशन काट दी गई।
दो महीने पहले भी काट दी गई थी बुजुर्ग पति की पेंशन
रविंद्र ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले भी उनकी पेंशन सात महीने के लिए बंद की गई थी, जो बाद में बहाल हो गई। नवंबर 2025 से फिर पेंशन बंद कर दी गई। दिसंबर में जब बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते में पेंशन नहीं आई। इसके बाद समाज कल्याण कार्यालय गए।
वहां से उन्हें बताया गया कि उनकी परिवार पहचान पत्र में भारी संपत्ति दर्ज होने के कारण पेंशन रोकी गई है। जब उन्होंने परिवार पहचान पत्र का विवरण निकलवाया तो उनके होश उड़ गए। उनकी पत्नी सविता के नाम 90 वाहन दर्ज थे, जिससे उन्हें करोड़पति की श्रेणी में डाल दिया गया।
खाते में गेहूं की पेमेंट आने से दंपती की कटी पेंशन
जींद के गांव शादीपुर निवासी 75 वर्षीय दिलबाग की दो माह पहले बुढ़ापा पेंशन कटी है। उनकी पत्नी सावित्री की पेंशन भी पिछले माह कट गई थी। दिलबाग ने बताया कि नौ माह पहले बैंक खाते में गेहूं की 4.25 लाख रुपये पेमेंट आई थी। उनके पास आठ एकड़ जमीन है।
गेहूं की पेमेंट आने के बाद परिवार पहचान पत्र में आमदनी बढ़ाकर तीन से पांच लाख रुपये कर दी गई। जुलाना बीडीपीओ कार्यालय में में गया, तो कर्मचारियों ने कहा कि परिवार पहचान पत्र में आमदनी बढ़ने से पेंशन कटी है।
दंपती के परिवार पहचान पत्र में दिखा दिए छह प्लॉट
पानीपत जिले के समालखा के गांव गढ़ी छाज्जू के 82 वर्षीय बलवीर सिंह और उनकी 81 वर्षीय पत्नी भतेरी की पेंशन दो माह से बंद है। उनके परिवार पहचान पत्र में गलत आय और छह प्लॉट दर्ज कर दिए गए। बुजुर्ग दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं।


