पांच तेजस तैयार… पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की रेस से बाहर हो सकती है HAL; डिलीवरी में देरी पड़ी भारी

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 सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनाटिक्स लिमिटेड को बड़ा झटका लग सकता है। पांचवीं पीढ़ी के उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान परियोजना से एचएएल के बाहर होने की आशंका है। हालांकि, इस मुद्दे पर रक्षा मंत्रालय द्वारा अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

इस बीच, भारतीय वायु सेना इस साल मई में एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान परियोजना की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही वह इन विमानों की डिलीवरी स्वीकार करने का निर्णय लेगी। वायु सेना ने दो चरणों में 180 मार्क 1ए विमानों का आर्डर दिया है, लेकिन इनकी डिलीवरी में देरी हो रही है।

5 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान तैयार

इस परियोजना पर पिछले साल दिसंबर में विस्तार से चर्चा की गई थी। एचएएल के अधिकारियों ने कहा कि कंपनी के पास 5 एलसीए मार्क 1ए लड़ाकू विमान तैयार स्थिति में है।

इनमें रडार, इलेक्ट्रानिक युद्धक उपकरण और हथियार जैसे प्रमुख घटक पहले से ही एकीकृत हैं। इन विमानों की डिलीवरी पिछले साल ही हो जानी थी, लेकिन वायु सेना ने एचएएल से विमानों को पूर्णत: परिचालन योग्य स्थिति में उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

इंजन से जुड़ी आपूर्ति श्रृंखला की समस्याओं के कारण डिलीवरी में कुछ समय के लिए देरी हो गई। 17 अक्टूबर को एचएएल के नासिक स्थित संयंत्र से तेजस एमके1ए प्रोटोटाइप ने पहली उड़ान भरी थी।

बेंगलुरु में स्थित दो संयंत्रों के साथ-साथ नासिक को तेजस कार्यक्रम के तहत तीसरी उत्पादन लाइन के रूप में विकसित किया गया है। एचएएल के पास 15 विमान तैयार स्थिति में हैं और संभावना है कि साल के अंत तक लगभग 20 विमान तैयार हो जाएंगे।

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