चीन को बैकफुट पर लाने के लिए ट्रंप का ‘मास्टर प्लान’, अमेरिका बनाएगा मिनरल्स ट्रेडिंग ब्लॉक

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वाशिंगटन में आयोजित विदेश मंत्रियों की बैठक में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने चीन के एकाधिकार को चुनौती देने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीति पेश की है। ट्रंप प्रशासन अब अपने सहयोगियों के साथ मिलकर एक ‘क्रिटिकल मिनरल्स ट्रेडिंग ब्लॉक’ बनाने की तैयारी में है।

इस ब्लॉक का मुख्य उद्देश्य टैरिफ (शुल्क) का उपयोग करके खनिजों की कीमतों के लिए एक ‘प्राइस फ्लोर’ (न्यूनतम मूल्य स्तर) तय करना है। चीन के ‘मार्केट फ्लडिंग’ के खिलाफ सुरक्षा कवच वेंस के अनुसार, चीन अक्सर बाजार में खनिजों की भारी आपूर्ति कर कीमतें गिरा देता है ताकि प्रतिस्पर्धी कंपनियां टिक न सकें।

यह ब्लाक ऐसी रणनीतियों से सदस्य देशों की रक्षा करेगा। वेंस ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सदस्य सहयोगी देशों के बीच एक ऐसा ट्रेडिंग ब्लाक बनाएं, जो अमेरिकी औद्योगिक शक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करे और पूरे क्षेत्र में उत्पादन का विस्तार करे।”

चीन पर निर्भरता होगी कम?

आत्मनिर्भरता और ‘प्रोजेक्ट वाल्ट’ महत्वपूर्ण खनिज स्मार्टफोन से लेकर जेट इंजन तक के लिए अनिवार्य हैं। वर्तमान में चीन दुनिया के 70 प्रतिशत खनन और 90 प्रतिशत प्रोसे¨सग को नियंत्रित करता है। इस निर्भरता को कम करने के लिए ट्रंप प्रशासन ने कई कदम उठाए हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दुर्लभ तत्वों के भंडारण के लिए ‘प्रोजेक्ट वाल्ट’ योजना की घोषणा की है। इसे यूएस एक्सपोर्ट-इंपोर्ट बैंक से 10 अरब डालर के ऋण और 1.67 अरब डालर की निजी पूंजी से वित्तपोषित किया जाएगा।

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