AI डिवाइसों की बढ़ती रफ्तार: क्या स्मार्टफोन का युग खत्म होने की ओर है?
Apple और Google ने अपने iPhone और Android ऑपरेटिंग सिस्टम के जरिए टेक इंडस्ट्री में सबसे फायदेमंद डुओपॉली बनाई है। Google हर साल Apple को अरबों डॉलर देता है ताकि उसके डिवाइस पर डिफॉल्ट सर्च इंजन बना रहे। लेकिन अब सवाल उठने लगे हैं कि AI के इस नए जमाने में स्मार्टफोन कितने दिन टिक पाएंगे?
स्मार्टफोन इंडस्ट्री की चुनौतियां
- मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों ने पहले ही स्मार्टफोन सप्लाई पर असर डाला है।
- उपभोक्ताओं की रुचि अब केवल फोन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे AI असिस्टेंट और वियरेबल डिवाइस की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
AI डिवाइसों की नई दौड़
- OpenAI ने 19 जनवरी को घोषणा की कि वह इस साल अपने नए AI डिवाइस पेश करेगा।
- Apple एक वियरेबल पिन पर काम कर रहा है, जिसका मकसद सैम ऑल्टमैन और सर जॉनी इवे द्वारा बनाए जा रहे डिवाइस से मुकाबला करना है।
- Meta AI स्मार्ट ग्लास विकसित कर रही है, जो सोशल मीडिया और रियल-टाइम इंटरैक्शन को बदल सकता है।
- Amazon ने अपना नया AI असिस्टेंट Alexa+ और इको स्मार्ट स्पीकर पेश किया है। कंपनी जल्द ही इको ग्लास और ईयरबड्स भी लॉन्च करने वाली है।
बड़ा सवाल
स्मार्टफोन अब तक टेक्नोलॉजी का सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म रहे हैं। लेकिन अगर AI डिवाइस, स्मार्ट ग्लास और वियरेबल्स तेजी से लोकप्रिय होते हैं, तो यह संभव है कि आने वाले दशक में स्मार्टफोन की भूमिका बदल जाए। वे शायद प्राइमरी डिवाइस न रहकर सपोर्टिंग डिवाइस बन जाएं।


