नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले विमानों और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारतीय वायुयान अधिनियम के तहत एयरपोर्ट के एरांड्रोम रेफरेंस प्वाइंट से 10 किलोमीटर की परिधि में कई गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
इस परिधि में पशुओं का वध, कूड़ा-करकट जमा करना और अन्य प्रदूषित या आपत्तिजनक पदार्थों का भंडारण प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही, मीट की दुकानें और हड्डी प्रसंस्करण मिलें भी इस क्षेत्र में नहीं चल सकेंगी, क्योंकि इनसे निकलने वाली सामग्री पक्षियों और जानवरों को आकर्षित करती है और विमान सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और अब इसके संचालन से पहले एरोड्रम लाइसेंस मिलने का इंतजार है। इस बीच, पर्यावरण प्रबंधन समिति ने तय किया है कि सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि किसी भी स्तर पर चूक न हो।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नियमों से एयरपोर्ट के आसपास का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित रहेगा तथा पक्षियों की गतिविधियों को नियंत्रित कर विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।


