चंद्र कुमार ने कहा है कि हिमाचल सरकार ने भांग की नियंत्रित एवं वैज्ञानिक खेती के लिए नीति तैयार कर ली है। इसे लागू करने के लिए जल्द ही विधानसभा में विधेयक लाया जाएगा। केंद्र सरकार से भी इसके लिए अनुमति मांगी गई है। शुक्रवार को शिमला में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह पहल औद्योगिक, औषधीय तथा शोध आधारित उपयोग को ध्यान में रखते हुए की जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ राज्य के संसाधनों में भी वृद्धि हो सकेगी। भांग की खेती वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित ढांचे में की जाएगी।
सरकारी अनुमानों के अनुसार पूरी तरह से लागू होने पर इससे राज्य के खजाने में सालाना 500 से 2000 करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। चंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हिमाचल में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 1500 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया था, लेकिन अब तक कोई पैसा नहीं आया है।
शायद प्रधानमंत्री भूल गए हैं, उन्हें इसके लिए चिट्ठी लिखनी पड़ेगी। पिछले साल गगल एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात हुई थी। उस दौरान प्रधानमंत्री को हिमाचल में हुए नुकसान की पूरी जानकारी दी थी। नेता प्रतिपक्ष समेत भाजपा के कई नेता भी उनसे मिले थे। हाल ही में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकता की थी। बावजूद इसके हिमाचल को प्रधानमंत्री की घोषणा का पैसा नहीं मिला


