पठानकोट–जोगेंद्रनगर नैरोगेज रेलवे ट्रैक पर करीब चार साल बाद रेल सेवाओं को बहाल करने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे के उच्चाधिकारियों ने बताया कि 560.3 मीटर लंबे चक्की पुल की गुणवत्ता जांच रेलवे विभाग की तकनीकी टीम द्वारा पूरी की जा रही है। इसके सफल परीक्षण के बाद जनवरी में इस मार्ग पर रेलगाड़ियां फिर से दौड़ेंगी।
ट्रायल सफल पठानकोट से गुलेर तक 72 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर इंजन के सभी ट्रायल सफल रहे हैं। इसके बाद कोपड़लाहड़ तक लगभग 18 किलोमीटर ट्रैक पर भी इंजन का परीक्षण पूरा कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इन ट्रायल्स के बाद पठानकोट से सीधे जोगेंद्रनगर तक रेलगाड़ियों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।
मौसम ने डाला असर पहले 26 जनवरी को रेल सेवाओं के शुरू होने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन अचानक मौसम में आए बदलाव और बारिश के कारण इसमें देरी हुई। रेलवे अधिकारियों ने रविवार को बताया कि चक्की पुल का तकनीकी ट्रायल जनवरी में ही पूरा होगा और इसके बाद सेवाएं बहाल कर दी जाएंगी।
18 किलोमीटर ट्रैक की जांच कोपड़लाहड़ से गुलेर तक 18 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर तकनीकी कारणों से बाधित रेल सेवाओं को भी जल्द शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आवश्यक परीक्षण पूरे होने के बाद जोगेंद्रनगर से पठानकोट तक 164 किलोमीटर का रोमांचक सफर फिर से शुरू होगा।
स्थानीय लोगों में उत्साह रेलवे की इस घोषणा से स्थानीय लोगों और पर्यटकों में उत्साह है। लंबे समय से बंद पड़ी इस रेल सेवा के बहाल होने से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।


