झारखंड और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में कोयंबटूर–रांची के बीच सीधी रेल सेवा शुरू करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। दक्षिण पूर्व रेलवे के जेडआरयूसीसी सदस्य अरुण जोशी ने इस संबंध में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन को पत्र लिखकर सीधी ट्रेन परिचालन की आवश्यकता पर बल दिया है।
पत्र में अरुण जोशी ने उल्लेख किया कि झारखंड से बड़ी संख्या में लोग दक्षिण भारत, विशेषकर कोयंबटूर और वेल्लोर स्थित प्रमुख चिकित्सा संस्थानों जैसे सीएमसी और गंगाराम अस्पताल में इलाज के लिए नियमित यात्रा करते हैं। इसके अलावा कपड़ा उद्योगों में कार्यरत श्रमिक, छात्र, पर्यटक और शैक्षणिक उद्देश्यों से दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
यात्रियों की परेशानी फिलहाल कोयंबटूर और रांची के बीच सीधी रेल सेवा उपलब्ध नहीं है। इस कारण यात्रियों को अतिरिक्त समय और अधिक खर्च का सामना करना पड़ता है। अरुण जोशी का कहना है कि यदि इस मार्ग पर सीधी ट्रेन शुरू होती है तो यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो जाएगी।
सामाजिक और सांस्कृतिक संबंधों पर असर उन्होंने यह भी कहा कि सीधी रेल सेवा शुरू होने से झारखंड और दक्षिण भारत के बीच सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और सांस्कृतिक संबंध और अधिक सशक्त होंगे। इससे दोनों क्षेत्रों के बीच आपसी सहयोग और विकास को नई दिशा मिलेगी।
रेल मंत्रालय से अपेक्षा अरुण जोशी ने उपराष्ट्रपति से अनुरोध किया है कि इस विषय में रेल मंत्रालय को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे झारखंड और दक्षिण भारत के बीच रेल संपर्क को नई मजबूती मिलेगी।


