माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशी में आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार सुबह 10 बजे तक करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। भोर में मंगला आरती के साथ ही श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन का सिलसिला प्रारंभ हुआ और दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही।
इस वर्ष माघ मास की पूर्णिमा विशेष पुण्यदायी संयोग लेकर आई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माघी पूर्णिमा का स्नान, माघ महीने के स्नान, दान, व्रत और तप के सभी संकल्पों का समाहार माना जाता है। इस बार सूर्य और चंद्र के विशेष योग ने इस पर्व के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विनय कुमार पांडेय ने बताया कि इस वर्ष माघी पूर्णिमा रविवार को पड़ने से इसका धार्मिक फल और भी शुभकारी हो गया है। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन स्नान और पूजन से जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है।


