विकास प्राधिकरण के विस्तारित क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की बढ़ती घटनाओं के बीच प्रवर्तन दल लगातार सख्ती दिखा रहा है। प्राधिकरण ने अवैध प्लाटिंग को लेकर विशेष ध्वस्तीकरण अभियान चलाया है, लेकिन कुछ मनबढ़ प्रापर्टी डीलर अब भी नियमों की अनदेखी कर अवैध गतिविधियों में लिप्त हैं।
गुरुवार को प्रवर्तन दल ने पूराकलंदर थाना क्षेत्र के तीन प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई करते हुए लगभग 300 बिस्वा अवैध प्लाटिंग ध्वस्त कर दी। अधिकारियों के अनुसार, अरुवांवा में 150 बिस्वा, भरतकुंड मंदिर के निकट 100 बिस्वा और मसौधा के माधवपुर गांव के पास 50 बिस्वा की अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई हुई।
प्राधिकरण के प्रवर्तन अधिकारियों ने बताया कि ध्वस्तीकरण की चपेट में आए सभी स्थान प्राधिकरण के नवविस्तारित क्षेत्र के सेक्टर नौ और दस में आते हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि अभियान का मकसद स्पष्ट है – नियमों का पालन कराए बिना किसी को जमीन पर कब्जा जमाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विकास प्राधिकरण का कहना है कि अवैध प्लाटिंग से केवल सरकारी योजनाओं पर असर नहीं पड़ता, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास को भी बाधित करता है। इसके अलावा, अवैध निर्माण स्थानीय नागरिकों के लिए जोखिम भी पैदा करता है और भविष्य में कानूनी विवादों को जन्म दे सकता है।
प्राधिकरण के प्रवर्तन दल ने बताया कि अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान नियमित रूप से चलाया जा रहा है और ऐसे मामलों में कोई छूट नहीं दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रॉपर्टी डीलरों ने नियमों की अवहेलना की है, उनके खिलाफ भविष्य में और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान प्रवर्तन दल ने कहा कि जनता को भी प्राधिकरण के साथ मिलकर अवैध गतिविधियों की सूचना देने की जरूरत है। केवल इससे ही अवैध कब्जों और प्लाटिंग को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई अचूक है और कोई भी व्यक्ति या दल इससे बच नहीं सकता।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह का ध्वस्तीकरण अभियान स्थानीय नागरिकों के हित में है। यह सुनिश्चित करता है कि विकास कार्य योजनानुसार हों और किसी को भी अवैध रूप से लाभ न मिले। प्राधिकरण ने बताया कि भविष्य में ऐसे अभियान और भी प्रभावी ढंग से चलाए जाएंगे ताकि मनमाने कब्जों पर लगाम लग सके।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोग भी राहत महसूस कर रहे हैं। नागरिकों ने कहा कि प्राधिकरण की इस सख्ती से क्षेत्र में नियमों का पालन सुनिश्चित होगा और अवैध प्रॉपर्टी डीलरों के मनोबल को तोड़ा जा सकेगा।
प्राधिकरण ने यह स्पष्ट किया कि ध्वस्तीकरण अभियान केवल सजग निगरानी और सख्ती के जरिए ही सफल हो सकता है। इसलिए वह लगातार सभी क्षेत्रों में पैनी नजर रखे हुए है और नियमों का पालन कराने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।


