माघ मेले में श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र केवल लग्जरी कार वाले, चाबी वाले, कांटे वाले या फटीचर बाबा ही नहीं हैं, बल्कि कुछ विदेशी मेहमान भी हैं, जो संगम क्षेत्र में आने वाले आस्थावानों का दिल जीत रहे हैं। ये विदेशी मेहमान हैं साइबेरिया से आए सीगल पक्षी, जो अपनी अठखेलियों से लोगों को सुखद अनुभूति करा रहे हैं और चेहरों पर मुस्कान बिखेर रहे हैं।
कल-कल करती गंगा की धारा के ऊपर हवा में उड़ते इन परिंदों का दृश्य बेहद मनोहारी नजर आता है। कभी पानी की सतह को छूते, तो कभी ऊंची उड़ान भरते सीगल पक्षियों को देखकर श्रद्धालु टकटकी लगाए निहारते रह जाते हैं। यह नजारा संगम क्षेत्र की सुंदरता में चार चांद लगा रहा है।
संगम नोज के आसपास बनाया है बसेरा
संगम क्षेत्र में जहां एक ओर आस्था का विशाल मेला सजा है, वहीं दूसरी ओर इन विदेशी पक्षियों की मौजूदगी भी देखने लायक है। साइबेरियन सीगल ने संगम नोज के आसपास अपना अस्थायी बसेरा बना लिया है। आमतौर पर स्वतंत्र विचरण करने वाले पक्षी इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन इन सीगल पक्षियों का स्वभाव कुछ अलग ही दिखाई देता है।
श्रद्धालुओं या पर्यटकों को देखते ही ये पक्षी उनके काफी करीब आ जाते हैं। चाहे कोई गंगा की मध्य धारा में नौकाविहार कर रहा हो या पांटून पुलों से होकर गुजर रहा हो, हर जगह सीगल पक्षियों की उड़ान लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती है। माघ मेले में आए श्रद्धालु इन विदेशी मेहमानों के साथ यादगार पल कैमरे में कैद करते नजर आ रहे हैं।


